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 जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि सरकार जासूसी के आरोपों को तब तक खारिज करेगी, जब तक ये पता नहीं चल जाता कि इजरायली फर्म एनएसओ ग्रुप के पेगासस स्पाइवेयर का भारतीय क्लाइंट कौन था. साथ ही कहा कि जल्द ही इस नाम का खुलासा किया जाएगा. पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि पत्रकारों के एक अंतरराष्ट्रीय समूह की जांच के आधार पर समाचार पोर्टल 'द वायर' ने रिपोर्ट किया है कि एनएसओ ग्रुप का एक भारतीय क्लाइंट था.

पिछले हफ्ते एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने बताया कि भारत में दो मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, तीन विपक्षी नेताओं के अलावा कई बिजनेसमैन और एक्टिविस्ट समेत 300 से अधिक वैरीफाई मोबाइल फोन नंबरों को एनएसओ ग्रुप के पेगासस स्पाइवेयर के माध्यम से हैकिंग के लिए टारगेट किया जा सकता है.
पेगासस मामले को लेकर पी चिदंबरम का सरकार पर हमला
चिदंबरम ने एक ट्वीट कर पूछा कि सरकार इस मामले में विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज करती रही है. भारतीय क्लाइंट कौन था? क्या ये भारत सरकार थी? क्या ये सरकार की एक एजेंसी थी? क्या ये एक प्राइवेट संस्था थी? चिदंबरम ने कहा कि मुझे यकीन है कि जल्द ही क्लाइंट के नाम का खुलासा कर दिया जाएगा और तब तक मुझे लगता है कि सरकार जासूसी के आरोपों को खारिज करते रहेगी.
इससे पहले सोमवार को चिदंबरम ने आरोप लगाया कि भारत सरकार दुनिया की इकलौती ऐसी सरकार है जिसे पेगासस जासूसी मामले पर कोई फिक्र नहीं है. चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने इज़रायल के प्रधानमंत्री बेनेट को फोन किया और फ्रांस में फोन हैक करने के लिए पेगासस स्पाइवेयर के कथित इस्तेमाल के बारे में पूरी जानकारी की मांग की, जिसमें राष्ट्रपति का फोन भी शामिल है. पीएम बेनेट ने अपनी जांच के 'निष्कर्ष' के साथ वापस आने का वादा किया.




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