सुहागरात में दुल्हन ने दूल्हे को दिया वो ज़ख्म, अगले दिन उड़े सबके होश
मायके पक्ष ने दिया ये बयान
Bahraich. बहराइच। उत्तर प्रदेश में कथित "लुटेरी दुल्हन" गिरोह के मामलों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बहराइच और देवरिया से सामने आए दो अलग-अलग मामलों में शादी के नाम पर दूल्हों के साथ कथित ठगी और जेवर-नकदी लेकर फरार होने की घटनाओं ने पुलिस को सतर्क कर दिया है। दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बहराइच जिले के पयागपुर थाना क्षेत्र के काली दुबेपुरवा, फरदा सुमेरपुर निवासी जीवन लाल यादव ने पुलिस और तहसील प्रशासन को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्होंने प्राचीनकालीन मरी माता मंदिर में संगीता नाम की महिला से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया था। विवाह के बाद वह अपनी पत्नी को विदा कराकर घर लेकर आए। परिवार में शादी की खुशियां थीं और रात को दोनों ने साथ भोजन किया।
जीवन लाल का आरोप है कि रात के भोजन में उनकी पत्नी ने नशीला पदार्थ मिला दिया। भोजन करने के बाद वह बेहोश हो गए। आरोप है कि उनकी बेहोशी का फायदा उठाकर महिला घर में रखे जेवरात और नकदी समेटकर रातोंरात फरार हो गई। सुबह जब उनकी आंख खुली तो पत्नी घर में नहीं थी और अलमारी में रखे कीमती सामान भी गायब थे। अपने साथ हुई कथित ठगी का पता चलते ही वह सदमे में आ गए और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि रानीपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले राजेश नामक व्यक्ति को शादी कराने के लिए उन्होंने ₹1 लाख दिए थे। उनका कहना है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि विधिवत विवाह कराया जाएगा, लेकिन शादी के कुछ ही घंटों बाद पूरा मामला ठगी में बदल गया। अब उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपना सामान वापस दिलाने की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार अंबिका प्रसाद चौधरी और पयागपुर थाना प्रभारी दीपक सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है और महिला की तलाश शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इधर, देवरिया जिले से भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है, जहां हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र के ग्राम सिसाना निवासी रविंद्र कुमार सिंह कथित ठगी का शिकार हो गए। शिकायत के अनुसार, बरहज थाना क्षेत्र की कुछ महिलाओं ने उन्हें शादी कराने का भरोसा दिलाया और इसके बदले ₹1 लाख 10 हजार लिए। इसके बाद 24 जुलाई की रात भलुअनी कस्बे के एक मैरिज हॉल में गोल्डी यादव नाम की युवती से उनकी शादी कराई गई। बताया गया कि हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह संपन्न हुआ और सात फेरे भी लिए गए। लेकिन शादी के कुछ ही घंटों बाद कथित दुल्हन नकदी और आभूषण लेकर फरार हो गई। पीड़ित ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
देवरिया पुलिस की जांच में एक कथित संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं कथित दुल्हन गोल्डी यादव सहित पांच से अधिक अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह गिरोह पिछले करीब दो वर्षों से सक्रिय हो सकता है। आरोप है कि गिरोह शादी के इच्छुक युवकों को अपने जाल में फंसाकर उनसे पैसे लेता था और विवाह के तुरंत बाद नकदी व जेवर लेकर फरार हो जाता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है और अभी सभी आरोपों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता के ठोस प्रमाण मिलते हैं तो उसके सभी सदस्यों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विवाह तय करने से पहले संबंधित व्यक्ति और मध्यस्थों का पूरा सत्यापन अवश्य करें। विशेष रूप से यदि शादी किसी एजेंट, बिचौलिए या अपरिचित व्यक्ति के माध्यम से कराई जा रही हो तो सभी दस्तावेज, पहचान और पारिवारिक जानकारी की अच्छी तरह जांच कर लें। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सावधानी बरतकर इस प्रकार की कथित ठगी से बचा जा सकता है।