भारत–सेशेल्स संबंधों को नई दिशा, राष्ट्रपति मुर्मू और पैट्रिक हर्मिनी की अहम बैठक
Delhi दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उनके सम्मान में एक भव्य राजकीय भोज का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच भारत और सेशेल्स के द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने को लेकर व्यापक चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने माना कि आपसी सहयोग को नए आयाम देने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
बैठक के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने “भारत–सेशेल्स संयुक्त दृष्टि: सतत विकास, आर्थिक उन्नति और सुरक्षा के लिए मजबूत संपर्क” को भविष्य के सहयोग के लिए एक ठोस आधार बताया। नेताओं का मत था कि यह संयुक्त दृष्टिकोण आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगा।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध ऐतिहासिक रूप से मित्रता, सांस्कृतिक निकटता और आपसी विश्वास पर आधारित रहे हैं। भारत, सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानता है और विकास, क्षमता निर्माण, समुद्री सुरक्षा तथा जलवायु परिवर्तन जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत, सेशेल्स के सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में निरंतर सहयोग करता रहेगा।
वहीं, सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारत हमेशा से सेशेल्स के लिए एक भरोसेमंद और मजबूत मित्र रहा है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर कार्य करने पर सहमति जताई। साथ ही व्यापार, निवेश, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। राष्ट्रपति भवन में हुई यह बैठक भारत–सेशेल्स संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।