Rohtak रोहतक। हरियाणा के रोहतक के नेशनल मेडलिस्ट पूर्व रेसलर अमित श्योराण को ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अमित को पकड़ा गया। आरोप है कि वह झारखंड से अफीम लाकर दिल्ली और हरियाणा के अखाड़ों में पहलवानों को सप्लाई करता था। पुलिस पूछताछ में अमित ने अपने ड्रग नेटवर्क से जुड़े कई खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि वह झारखंड के एक तस्कर से अफीम लेकर आगे सप्लाई करता था। इससे पहले झारखंड पुलिस इस मामले में राजेश नाग नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।
अमित श्योराण की गिरफ्तारी दिल्ली के मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन के पास से की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि अमित रानीबाग-पीतमपुरा इलाके में अपने किसी रिश्तेदार से मिलने आने वाला है। इसके बाद पुलिस टीम ने 18 अगस्त की रात करीब 10 बजे इलाके में घेराबंदी की और जैसे ही अमित वहां पहुंचा, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी को झारखंड पुलिस के हवाले कर दिया है। अमित लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था। कोर्ट ने उसे 6 दिसंबर 2023 को भगोड़ा घोषित कर दिया था।
पुलिस के अनुसार, अमित श्योराण ने साल 2008 में महज 14 साल की उम्र में कुश्ती शुरू की थी। उसने कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। साल 2013 में कन्याकुमारी में आयोजित नेशनल कैडेट रेसलिंग चैंपियनशिप में उसने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। कुश्ती में पहचान बनाने के बाद कुछ समय तक उसने खेल जारी रखा, लेकिन बाद में उसने कुश्ती छोड़ दी। इसके बाद वह दिल्ली के बार और नाइट क्लब में बाउंसर की नौकरी करने लगा।
ज्यादा पैसे कमाने के लालच में जुड़ा ड्रग नेटवर्क से पुलिस जांच में सामने आया है कि आर्थिक लालच के कारण अमित धीरे-धीरे नशे के कारोबार से जुड़ गया। बताया जा रहा है कि वह रांची में रहने वाले कुछ तस्करों के संपर्क में आया। रंजीत नाम के व्यक्ति ने उसकी मुलाकात अफीम तस्करों से कराई। इसके बाद अमित झारखंड से अफीम खरीदकर दिल्ली और हरियाणा के विभिन्न अखाड़ों तक पहुंचाने लगा। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
 पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमित श्योराण के खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस एक्ट, हत्या, हत्या की साजिश और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। अमित के खिलाफ झारखंड के धुर्वा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। साथी तस्कर पहले ही हो चुका गिरफ्तार जांच में यह भी सामने आया है कि अमित को अफीम उपलब्ध कराने वाले आरोपी राजेश नाग को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, 20 अप्रैल 2023 को राजेश के पास से 492 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। फिलहाल पुलिस अमित से पूछताछ कर उसके ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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