पहलगाम हमले में नेताओं का भी हाथ, साजिश रचने में थे शामिल

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Update: 2025-07-15 01:19 GMT

कश्मीर। जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमला पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य अधिकारियों की साजिश थी। हाल ही में आई एक रिपोर्ट से ऐसे संकेत मिले हैं। हालांकि, भारत सरकार ने इसपर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। 22 अप्रैल को हुए नरसंहार में 26 सैलानियों की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि पहलगाम आतंकी हमले की साजिश ISI और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने रची थी। खबर है कि इसके निर्देश पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य अधिकारियों ने दिए थे। यह भी सामने आया है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए खासतौर से पाकिस्तानी आतंकवादियों को शामिल किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, ISI ने लश्कर के कमांडर साजिद जट्ट को जम्मू और कश्मीर में सिर्फ विदेशी आतंकवादी तैनात करने के निर्देश दिए थे। गोपनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी कश्मीरी आतंकवादी को शामिल नहीं किया गया था। इस हमले को अंजाम देने वाले समूह की अगुवाई सुलेमान कर रहा था। संदेह है कि वह पाकिस्तानी स्पेशल फोर्सेज का पूर्व कमांडो है। वह साल 2022 में जम्मू में घुसपैठ करने के पहले लश्कर के मुरीदके ठिकाने पर ट्रैनिंग हासिल कर चुका है। सैटेलाइट फोन एनालिसिस के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि सुलेमान की लोकेशन 15 अप्रैल को त्राल में थी। इससे संकेत मिल रहे हैं कि वह घटना से करीब एक सप्ताह पहले बैसारन घाटी में था।

7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया था। खबर है कि इस दौरान आतंकियों के कई अहम ठिकाने नष्ट कर दिए गए थे। इसके अलावा पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया था और पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए कहा था।


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