बेलग्रेड: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बेलग्रेड में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) शिखर सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और प्रमुख क्षेत्रों में आपसी जुड़ाव को बढ़ाना था।
रिजिजू ने सऊदी अरब के विदेश मामलों के उप मंत्री वलीद ए. एम. एल्खेरेइजी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और सऊदी अरब के बीच घनिष्ठ और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विचार किया।
रिजिजू ने 'X' पर पोस्ट किया, "सऊदी अरब साम्राज्य के विदेश मामलों के उप मंत्री महामहिम वलीद ए. एम. एल्खेरेइजी से मुलाकात की। भारत-सऊदी अरब की घनिष्ठ और स्थायी साझेदारी को और मजबूत करने तथा आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।"
मंत्री ने सर्बियाई नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एना ब्रनाबिक से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-सर्बिया के स्थायी संबंधों और दोनों देशों व उनके लोगों के बीच करीबी रिश्ते बनाने में संसदीय जुड़ाव की भूमिका पर चर्चा की।
बैठक के बाद, संसदीय कार्य मंत्री ने बुधवार को 'X' पर कहा, "सर्बिया गणराज्य की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष (स्पीकर) महामहिम एना ब्रनाबिक के साथ एक सौहार्दपूर्ण और सार्थक बैठक हुई। भारत और सर्बिया के बीच दोस्ती के मजबूत बंधन और हमारे दोनों देशों व लोगों को करीब लाने में संसदीय आदान-प्रदान की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की।"
उन्होंने अंगोला के विदेश मंत्री टेटे एंटोनियो के साथ भी बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने और भारत व अंगोला के साझा लाभ के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
मंत्री ने सर्बिया की आंतरिक और विदेशी व्यापार मंत्री जगोडा लाज़ारेविच से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत और सर्बिया के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने तथा बेहतर सहयोग और आपसी विकास के लिए नए रास्ते बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
मंगलवार को रिजिजू ने सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक से मुलाकात की और भारत व सर्बिया के बीच मजबूत दोस्ती और बढ़ती साझेदारी को फिर से दोहराया।
रिजिजू ने 'X' पर कहा, "बेलग्रेड में सर्बिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम अलेक्जेंडर वुसिक से मुलाकात की। एक सौहार्दपूर्ण और सार्थक बातचीत हुई, जिसमें आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित भारत और सर्बिया के बीच मजबूत दोस्ती और बढ़ती साझेदारी को फिर से दोहराया गया।"
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