नोएडा: सोचिए, कोई व्यक्ति ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर है. फोन जेब में रखा है. अचानक जेब गर्म होने लगती है. वह कुछ समझ पाए, उससे पहले धमाका! कुछ ऐसा ही ग्रेटर नोएडा के दनकौर के रहने वाले 26 साल के मोहम्मद माजिद के साथ हुआ. 8 अगस्त की शाम वह गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर था. निजी काम से लौट रहा था. मोबाइल जेब में था. अचानक फोन गर्म हुआ और उसमें जोरदार ब्लास्ट हो गया.
धमाका इतना तेज था कि स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई. माजिद के दोनों हाथ झुलस गए. शरीर के निचले हिस्से और प्राइवेट पार्ट तक जल गया. आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उनकी मदद की और अस्पताल पहुंचाया. जिस फोन में ब्लास्ट हुआ, वह करीब एक महीने पहले ही खरीदा गया था. माजिद के मुताबिक, उस वक्त वह गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर मौजूद था. सब कुछ सामान्य था. फोन उनकी जेब में था.
अचानक महसूस हुआ कि जेब में रखा मोबाइल गर्म हो रहा है. इसके बाद संभलने का मौका तक नहीं मिला. मोबाइल में जोरदार धमाका हुआ और माजिद झुलस गया. स्टेशन पर मौजूद लोग भी अचानक हुए ब्लास्ट से घबरा गए. कुछ लोग मदद के लिए दौड़े और उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.
हादसा छोटा नहीं था. मोबाइल फोन के ब्लास्ट में माजिद के दोनों हाथ झुलस गए. शरीर के निचले हिस्से पर भी चोट आई और प्राइवेट पार्ट तक जल गया. अस्पताल में उसका इलाज कराया गया. फिलहाल उसे उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है.
माजिद के मामा हारून का कहना है कि मोबाइल फोन करीब एक महीने पहले ही खरीदा गया था. यानी फोन कोई सालों पुराना नहीं था. न ही ऐसा बताया गया है कि वह लंबे समय से खराब पड़ा था. परिवार का सवाल है कि अगर एक महीने पुराने फोन की बैटरी जेब में ही फट जाए, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? परिवार मोबाइल की तकनीकी जांच कराने की मांग कर रहा है. वे चाहते हैं कि पता लगाया जाए कि ब्लास्ट की वजह क्या थी.
हादसे के बाद माजिद ने मोबाइल बनाने वाली कंपनी और उस शोरूम पर भी सवाल उठाए हैं, जहां से फोन खरीदा गया था. माजिद का कहना है कि मोबाइल जेब में रखा था और अचानक ब्लास्ट हो गया. कोई और व्यक्ति भी चपेट में आ सकता था. वह मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से करने की बात कह रहे हैं.

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