मंत्री नवाब मलिक का ट्वीट, आ सकते हैं सरकारी मेहमान, डरना मतलब रोज रोज मरना, हमे डरना नहीं, लड़ना है...
मुंबई: महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक (Nawab Malik) ने दावा किया है कि उनके घर कभी भी 'सरकारी मेहमान' आ सकते हैं. माना जा रहा है कि उनका इशारा केंद्रीय जांच एजेंसियों की ओर है. उन्होंने ये दावा समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) में माफी मांगने के बाद किया.
नवाब मलिक ने ट्वीट कर लिखा, 'सुना है मेरे घर में आज या कल सरकारी मेहमान आने वाले हैं. हम उनका स्वागत करते हैं.' मलिक ने आगे लिखा कि हमें उनसे डरना नहीं है, बल्कि लड़ना है. गांधी गोरों से लड़े थे और हमें चोरों से लड़ना है.
साथियों, सुना है, मेरे घर आज कल मे सरकारी मेहमान आने वाले है, हम उनका स्वागत करते है.
डरना मतलब रोज रोज मरना, हमे डरना नहीं, लड़ना है,
गांधी लड़े थे गोरों से, हम लड़ेंगे चोरों से.
इधर, समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े की ओर से नवाब मलिक पर मानहानि का केस किया है. इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है. शुक्रवार को नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े पर टिप्पणी करने पर हाई कोर्ट में बिना शर्त 'माफी' मांगी. हाई कोर्ट ने मलिक को फटकार लगाते हुए कहा था कि कोर्ट के आदेश के बावजूद आप वानखेड़े के खिलाफ टिप्पणी करते रहे. इस पर मलिक ने एफिडेविट दाखिल कर कोर्ट से माफी मांगते हुए कहा कि उनका इरादा कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का नहीं था.
मलिक ने तीन पेज के एफिडेविट में लिखा कि कोर्ट के आदेश का उल्लंघन इसलिए हो गया, क्योंकि कुछ पत्रकारों ने उनसे कई विषयों पर सवाल पूछ लिए थे. मैंने ये बयान ये सोचकर दिए थे कि ये केवल इंटरव्यू के हिस्सा होंगे. उन्होंने ये भी लिखा कि लिखा, मुझे इस बात की आशा है कि सेंट्रल एजेंसी (एनसीबी) का किसी अधिकारी ने जिस तरह गलत तरीके से उपयोग किया, उनकी ड्यूटी पर सवाल उठाने से मुझे नहीं रोका जाएगा.
वहीं इस मामले में जज एसजे काठवाला और मिलिंद जाधव ने सुनवाई की. जज काठवाला ने कहा कि आप, बिल्कुल भी इस अधिकारी (समीर वानखेड़े) के बारे में नहीं बोलेंगे.