नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक करवट बदलनी शुरू कर दी है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी के बाद अब मौसम सुहावना होने की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जाएगी।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में न्यूनतम पारा 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का एहसास होने लगेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर डालें तो 24 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री रहने की संभावना है, जबकि आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।
वहीं, 25 अक्टूबर को तापमान 33 डिग्री से गिरकर 18 डिग्री तक पहुंच सकता है। 26 और 27 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने के आसार हैं, जहां अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री के आसपास रहेगा। इस दौरान हवा में नमी (ह्यूमिडिटी) का स्तर भी 60 से 90 प्रतिशत के बीच बना रहेगा। मौसम में इस बदलाव का सीधा असर वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) पर भी देखने को मिल रहा है। तेज चल रही हवाओं के कारण प्रदूषण के स्तर में आंशिक सुधार हुआ है। हालांकि, सुबह के वक्त हल्का स्मॉग (धुंध) छाया हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे सांस लेने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है।
वायु गुणवत्ता के आंकड़ों की बात करें तो दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्थिति मिश्रित बनी हुई है। दिल्ली के जाफरपुर में एक्यूआई 243 दर्ज किया गया है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। वहीं, ओखला फेज-2 में 175, पटपड़गंज में 194 और शादीपुर में 170 एक्यूआई दर्ज किया गया है। पंजाबी बाग (247), पूसा (209), आर के पुरम (240), रोहिणी (232) और सिरीफोर्ट (209) जैसे इलाकों में हवा की गुणवत्ता 'खराब' बनी हुई है।
एनसीआर के अन्य शहरों की बात करें तो नोएडा में हवा की स्थिति और भी चिंताजनक है। सेक्टर-62 में एक्यूआई 270 तक पहुंच गया है, जबकि सेक्टर-125 में 212 दर्ज किया गया। हालांकि, सेक्टर-1 (140) और सेक्टर-116 (135) में हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में बनी हुई है। गाजियाबाद की स्थिति देखें तो गोविंदपुरम में एक्यूआई 281 (बहुत खराब) तक पहुंच गया है। लोनी में 262, वेद विहार-लोनी में 223, वसुंधरा में 213 और संजय नगर में 210 एक्यूआई दर्ज किया गया है। इंदिरापुरम (196) और वेव सिटी (195) में स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे तापमान में गिरावट होगी और हवा की गति धीमी पड़ेगी, वैसे-वैसे प्रदूषण के कण वातावरण में ज्यादा देर तक टिकेंगे, जिससे एक्यूआई में और बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल, हवाओं की रफ्तार ने थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन सुबह का स्मॉग आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ा सकता है।
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