बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 26 वर्षीय विवाहिता रुबीना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। अदालत में सुनवाई की तारीख से महज चार दिन पहले महिला का शव गन्ने के खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शनिवार सुबह गांव वाजिदपुर के गन्ने के खेत से महिला का शव बरामद हुआ। मृतका के गले पर निशान मिले हैं, जबकि उसका शरीर नीला पड़ा हुआ था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए सेना में तैनात पति समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। घटना के बाद से मृतका के परिवार में मातम पसरा हुआ है।
तीन साल पहले हुई थी रुबीना की शादी
जानकारी के अनुसार, गांव आसिफपुर खड़खड़ी निवासी इरफान ने अपनी बेटी रुबीना की शादी करीब तीन साल पहले मुजफ्फरनगर जिले के पुरबालियान गांव निवासी अलीशान के साथ की थी। अलीशान भारतीय सेना में जवान है और वर्तमान में कश्मीर में तैनात बताया जा रहा है। शादी के समय परिवार को उम्मीद थी कि उनकी बेटी का वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा, लेकिन परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही रुबीना को ससुराल में परेशान किया जाने लगा।
मृतका की मां तसमीना ने बताया कि शादी के महज ढाई महीने बाद ही ससुराल वालों ने रुबीना के साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया था। इसके बाद से दोनों परिवारों के बीच विवाद चल रहा था।
शादी के ढाई महीने बाद ही घर से निकालने का आरोप
रुबीना की मां के अनुसार, शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन कुछ समय बाद उनकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग उसे प्रताड़ित करते थे और मारपीट भी करते थे।
तसमीना का कहना है कि शादी के ढाई महीने बाद ही रुबीना को ससुराल से निकाल दिया गया था। इसके बाद परिवार ने अपनी बेटी को सहारा दिया। परिजनों के मुताबिक, वैवाहिक विवाद के चलते मामला अदालत तक पहुंच गया था।इस बीच रुबीना की मौत की खबर ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कोर्ट में तारीख से चार दिन पहले हुई घटना
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि रुबीना से जुड़े वैवाहिक विवाद की अदालत में सुनवाई होने वाली थी। सुनवाई की निर्धारित तारीख से चार दिन पहले ही उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।बताया जा रहा है कि घटना गुरुवार रात की है, जबकि शनिवार सुबह गांव वाजिदपुर के गन्ने के खेत से उसका शव बरामद हुआ। अदालत में सुनवाई से ठीक पहले हुई इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।परिजनों ने आशंका जताई है कि रुबीना की हत्या की गई है। हालांकि, हत्या के पीछे वास्तविक कारण और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गन्ने के खेत में मिला शव, गले पर थे निशान
शनिवार सुबह गांव वाजिदपुर के गन्ने के खेत में रुबीना का शव मिलने की जानकारी सामने आई। महिला के गले पर निशान होने और शरीर का रंग नीला पड़ने से मौत को लेकर संदेह गहरा गया है।शरीर पर मिले निशान हत्या की आशंका को जन्म दे रहे हैं, लेकिन मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय साक्ष्यों से ही स्पष्ट हो सकेगा।यह भी जांच का विषय है कि रुबीना खेत तक कैसे पहुंची और गुरुवार रात से शनिवार सुबह तक उसके साथ क्या हुआ। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य इस मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
सेना में तैनात पति समेत छह लोगों पर मुकदमा
रुबीना की मौत के बाद उसके मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के भाई की शिकायत पर सेना में तैनात पति अलीशान समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।पति के कश्मीर में तैनात होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में घटना के समय उसकी वास्तविक मौजूदगी, भूमिका और अन्य आरोपियों की गतिविधियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।फिलहाल आरोप शिकायत के आधार पर दर्ज किए गए हैं। आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निर्धारित होगी।
परिवार ने उठाए कई सवाल
रुबीना के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी लंबे समय से वैवाहिक विवाद का सामना कर रही थी। शादी के कुछ महीने बाद ही उसे घर से निकाल दिए जाने की घटना ने उसके जीवन को प्रभावित किया था।परिवार का आरोप है कि रुबीना को ससुराल में प्रताड़ना झेलनी पड़ी। अब अदालत में सुनवाई से कुछ दिन पहले उसकी मौत होने से परिजनों का संदेह और बढ़ गया है।परिजन यह जानना चाहते हैं कि आखिर रुबीना की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव गन्ने के खेत तक कैसे पहुंचा।
पोस्टमार्टम और जांच से खुलेगा मौत का राज
रुबीना की मौत के मामले में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। गले पर मिले निशान, शव की स्थिति और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जांच के प्रमुख बिंदु हो सकते हैं।इसके अलावा वैवाहिक विवाद, अदालत में चल रहे मामले और मृतका के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच आवश्यक होगी।