JP Nadda ने केदार नाथ साहनी को दी श्रद्धांजलि, उनके राजनीतिक सफर को किया याद
नई दिल्ली। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यपाल केदार नाथ साहनी की 100वीं जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने साहनी के लंबे राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की। नड्डा ने कहा कि केदार नाथ साहनी ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में पद और प्रतिष्ठा से अधिक विचारधारा, संगठन और जनसेवा को महत्व दिया। उन्होंने हमेशा अपने सिद्धांतों के अनुरूप कार्य किया और संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
पद और प्रतिष्ठा से ऊपर रही विचारधारा
मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केदार नाथ साहनी का राजनीतिक जीवन समर्पण, अनुशासन और वैचारिक प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा है। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन कभी भी पद को अपनी पहचान का आधार नहीं बनाया।नड्डा ने कहा कि साहनी ने सिक्किम और गोवा के राज्यपाल जैसे प्रतिष्ठित संवैधानिक पदों पर कार्य किया। इसके बावजूद उन्होंने हमेशा संगठन और विचारधारा को प्राथमिकता दी। उनके लिए राजनीति केवल पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का अवसर थी।
राज्यपाल रहते हुए भी संगठन से जुड़ाव
जेपी नड्डा ने साहनी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अपने मूल सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।नड्डा ने कहा, "उन्होंने सिक्किम और गोवा के राज्यपाल सहित कई पदों पर काम किया, लेकिन साहनी जी कभी भी किसी पद से बंधे नहीं रहे। वे अपनी विचारधारा के प्रति समर्पित रहे और लगातार पार्टी की सेवा करते रहे।"केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साहनी का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति की पहचान केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उसके कार्यों, व्यवहार और मूल्यों से बनती है।
राजनीतिक जीवन में अनुशासन और समर्पण की मिसाल
केदार नाथ साहनी भारतीय राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। उनका राजनीतिक सफर संगठनात्मक कार्यों और सार्वजनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा। उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव प्राप्त किया।साहनी को संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और अनुशासित कार्यशैली के लिए याद किया जाता है। उनके राजनीतिक जीवन में विचारधारा के प्रति निष्ठा और संगठनात्मक जिम्मेदारियों का विशेष स्थान रहा।जेपी नड्डा ने कहा कि साहनी जैसे नेताओं ने अपने कार्यों के माध्यम से राजनीति में एक अलग पहचान बनाई। उनका जीवन यह संदेश देता है कि राजनीतिक सफलता का वास्तविक अर्थ केवल ऊंचे पदों तक पहुंचना नहीं, बल्कि जनता और संगठन के प्रति अपने दायित्वों को निभाना भी है।
नई पीढ़ी के नेताओं के लिए प्रेरणादायक जीवन
केंद्रीय मंत्री ने साहनी के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले लोगों के लिए वैचारिक स्पष्टता, अनुशासन और समर्पण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।नड्डा के अनुसार, साहनी ने अपने राजनीतिक सफर में इन मूल्यों को प्राथमिकता दी। उन्होंने संवैधानिक जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ अपने राजनीतिक सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखी।उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को ऐसे नेताओं के जीवन और कार्यों से सीख लेनी चाहिए। राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने के लिए केवल पद प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और संगठन के प्रति निष्ठा भी जरूरी है।
100वीं जयंती पर योगदान को किया याद
केदार नाथ साहनी की 100वीं जयंती के अवसर पर जेपी नड्डा ने उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को याद किया। उन्होंने कहा कि साहनी ने अपने कार्यों से संगठनात्मक राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।नड्डा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि साहनी का जीवन सादगी, सिद्धांतों और जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। उन्होंने ऊंचे संवैधानिक पदों पर रहते हुए भी अपनी मूल राजनीतिक पहचान और विचारधारा को महत्व दिया।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केदार नाथ साहनी की राजनीतिक यात्रा आने वाली पीढ़ियों को सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, अनुशासन और सेवा की भावना के साथ काम करने की प्रेरणा देती रहेगी।