शुगर मिल कॉलोनी में भीषण आग, धुएं से बेटा बेहोश, पिता अस्पताल में भर्ती
बड़ी खबर
Rohtak. रोहतक। रोहतक के सुनारियां चौक स्थित शुगर मिल कॉलोनी में सुबह एक घर में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे घर में घना धुआं भर गया और अंदर सो रहे परिवार के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। घटना के समय घर में कुल पांच सदस्य मौजूद थे, जो नींद में थे और अचानक हुई इस घटना से उनकी जान पर बन आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब पड़ोसियों ने घर से धुआं निकलते देखा तो तुरंत सतर्कता दिखाते हुए दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और परिवार के सभी सदस्यों को बाहर निकाला। इस दौरान परिवार का बड़ा बेटा योगेश धुएं की वजह से बेहोश हो गया, जबकि पिता देव कुमार भी धुएं के कारण बेसुध हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद देव कुमार को शाम को छुट्टी दे दी गई। जानकारी के अनुसार, देव कुमार गाड़ी चलाने का काम करते हैं।
घटना से पहले वह सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच घर लौटे थे। घर में उनकी पत्नी पिंकी, बेटा योगेश, छोटा बेटा तरुण और बेटी स्नेहा मौजूद थे। सभी लोग सो रहे थे, तभी सुबह लगभग 6 बजे अचानक आग लग गई और देखते ही देखते पूरे घर में धुआं फैल गया। धुएं के कारण योगेश को सांस लेने में कठिनाई होने लगी और वह बेहोश हो गया। इसी दौरान पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए घर का दरवाजा तोड़ा और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। पड़ोसियों ने पास के पार्क में लगे सबमर्सिबल पंप की मदद से आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। परिवार के अनुसार इस आग में घर का पूरा सामान जलकर राख हो गया।
बच्चों के कपड़े, फर्नीचर, फ्रीज, पंखा, बेड और अन्य सभी घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गए। घर की छत भी आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई है और उसके गिरने का खतरा बना हुआ है। परिवार की महिला पिंकी ने बताया कि यह हादसा उनके लिए बहुत बड़ा नुकसान लेकर आया है, क्योंकि घर में अब कुछ भी उपयोग करने लायक नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसियों की सूझबूझ और समय पर मदद के कारण ही उनके बच्चों की जान बच सकी। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासनिक टीम मामले की जांच में जुटी हुई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या किसी अन्य वजह से यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को राहत और सहायता देने की मांग की है, क्योंकि इस आग में परिवार का पूरा घर और सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है। यह घटना एक बार फिर शहरी कॉलोनियों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की जरूरत को उजागर करती है।