नई दिल्ली: भारत की अगली जनगणना जब भी होगी, उसमें जातियों की गिनती भी की जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बुधवार को इस बड़े फैसले की घोषणा की. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णन ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि कैबिनेट ने जाति की जनगणना को आने वाली जनगणना में सम्मिलित करने का फैसला लिया है. इसके अलावा मेघालय से असम को जोड़ने वाले हाइवे को भी मंजूरी दी गई.
कैबिनेट बैठक में पहलगाम हमले में जान गंवाने वालों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया. केंद्रीय मंत्रिमंडल की यह बैठक पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पहली बैठक रही.
कैबिनेट मीटिंग में क्या फैसले लिए गए?
अश्विनी वैष्णव ने कहा- कांग्रेस की सरकारों ने जाति जनगणना का विरोध किया है, 1947 के बाद से जाति जनगणना नहीं की है. कांग्रेस ने जाति जनगणना की जगह जाति सर्वे कराया, यूपीए सरकार में कई राज्यों ने राजनीतिक दृष्टि से जाति सर्वे किया है. जाति की जनगणना मूल जनगणना में ही सम्मिलित होना चाहिए. पीएम मोदी के नेतृत्व में राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने जाति की जनगणना को आने वाले जनगणना में सम्मिलित करने का फैसला लिया है.
केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘चीनी सीजन 2025-26 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 355 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. यह बेंचमार्क मूल्य है, जिससे नीचे इसे नहीं खरीदा जा सकता है.‘
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि कैबिनेट ने मेघालय और असम को जोड़ने वाले शिलांग-सिलचर 166.8 किलोमीटर लंबे चार लेन कॉरिडोर राजमार्ग को ₹22,864 करोड़ के परिव्यय के साथ मंजूरी दे दी है.