ACB के सामने मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को पेश होने का समन

Update: 2025-06-04 02:26 GMT

दिल्ली। पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के दो बड़े नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन भ्रष्टाचार के एक नए मामले में घिरते दिख रहे हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने करीब 2,000 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में दोनों नेताओं को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है। एसीबी ने अप्रैल महीने में सिसोदिया और जैन के खिलाफ दिल्ली सरकार के स्कूलों में अत्यधिक लागत पर क्लासरूम्स के निर्माण में भ्रष्टाचार के संबंध में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एसीबी से इस मामले में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की भूमिका की भी जांच करनी की मांग की थी। एसीबी ने आज बताया कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में क्लासरूम्स के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर एसीबी ने दिल्ली के पूर्व मंत्रियों और ‘आप’ नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को समन जारी किया है। सत्येंद्र जैन को 6 जून को एसीबी दफ्तर में बुलाया गया है, जबकि मनीष सिसोदिया को 9 जून को पेश होने को कहा गया है।

एसीबी की ओर से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली ‘आप’ सरकार के कार्यकाल में 12,748 क्लासरूम्स के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर ‘आप’ नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ अप्रैल महीने में एफआईआर दर्ज की गई थी।एसीबी ने एक बयान में कहा था कि यह घोटाला करीब 2,000 करोड़ रुपये का है और इसमें अत्यधिक बढ़ी हुई दरों पर ठेके दिए गए थे। बयान के अनुसार, कथित तौर पर हर क्लासरूम का निर्माण 24.86 लाख रुपये में किया गया, जो सामान्य लागत से लगभग पांच गुना अधिक है। बयान के मुताबिक, यह कार्य कथित तौर पर 'आप' से जुड़े ठेकेदारों को सौंपा गया था। इसमें कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी से भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 17-ए के तहत अपेक्षित मंजूरी मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना में राजधानी में लगभग 12,748 क्लासरूम्स और स्कूल भवनों का निर्माण शामिल था, जिसमें ‘‘काफी वित्तीय अनियमितताएं हुईं और लागत में वृद्धि’’ देखी गई। परियोजना को शुरू में स्वीकृत लागत पर इस शर्त के साथ मंजूरी दी गई थी कि इसे जून 2016 तक पूरा कर लिया जाएगा और भविष्य में इसमें वृद्धि की कोई गुंजाइश नहीं होगी। हालांकि, एसीबी ने बयान में आरोप लगाया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर एक भी काम पूरा नहीं हुआ। कथित घोटाले के संबंध में भाजपा नेता हरीश खुराना, कपिल मिश्रा और नीलकंठ बख्शी से शिकायतें प्राप्त हुई थीं। आरोप है कि इस परियोजना पर कुल 2,892 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिससे प्रति कक्षा लागत 24.86 लाख रुपये हो गई, जबकि मानक मानदंडों के तहत प्रति कमरे की अनुमानित लागत पांच लाख रुपये थी। बयान में कहा गया, ‘‘जांच से पता चला कि परियोजना 34 ठेकेदारों को दी गई थी, जिनमें से अधिकतर कथित तौर पर ‘आप’ से जुड़े हुए हैं।’’


Tags:    

Similar News

null