सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा, कक्षा में गिरा छत का प्लास्टर, तीन बच्चे घायल

छग

Update: 2026-07-13 15:02 GMT
Bemetara. बेमेतरा। जिले के साजा विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुवारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कक्षा दूसरी में पढ़ाई के दौरान अचानक छत का प्लास्टर गिर गया। हादसे में तीन छात्र इसकी चपेट में आकर घायल हो गए। घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। घायल बच्चों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो छात्रों की हालत गंभीर बताई गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम गुवारा के शासकीय प्राथमिक शाला में रोज की तरह कक्षा दूसरी के बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कमरे की छत का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर गया। उस समय कई छात्र अपनी जगह पर बैठे हुए थे। अचानक हुए हादसे से बच्चों में डर का माहौल बन गया। प्लास्टर की चपेट में आने से तीन छात्र घायल हो गए।
घायल बच्चों में दो छात्रों के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थानखम्हारिया पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों छात्रों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल डॉक्टरों के अनुसार बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद बच्चों के परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल भवन काफी समय से जर्जर स्थिति में है। भवन की मरम्मत और नए स्कूल भवन निर्माण को लेकर कई बार संबंधित विभाग को जानकारी दी गई, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले स्कूल जतन योजना के तहत भवन की छत की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि कुछ ही समय बाद प्लास्टर दोबारा गिर गया। इससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हादसे के बाद ग्रामीणों ने स्कूल भवन की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और जर्जर भवन में पढ़ाई कराना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्कूल भवन की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में गुवारा स्कूल की घटना ने एक बार फिर जर्जर स्कूल भवनों और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
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