Punjab पंजाब। राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ पंजाब पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग तस्कर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन की अवैध संपत्ति को जमींदोज कर दिया। यह कार्रवाई अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने शनिवार को रांघर गांव में की, जहां जोबनजीत ने नशे के पैसों से आलीशान मकान और अन्य संपत्तियां खड़ी कर रखी थीं। पुलिस के मुताबिक, जोबनजीत सिंह लंबे समय से अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं और पुलिस को उसके विदेशी नेटवर्क से जुड़े कुछ अहम सबूत भी मिले हैं। पंजाब पुलिस ने पहले ही उसकी संपत्तियों की जांच शुरू की थी, जिसके बाद शनिवार को जिला प्रशासन के सहयोग से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया।
अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव के निर्देश पर नशा माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “राज्य में किसी भी ड्रग डीलर या गैंगस्टर को कानून से ऊपर नहीं समझना चाहिए। नशे से कमाई गई हर संपत्ति को जब्त या नष्ट किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने रांघर गांव में बुलडोजर के जरिए जोबनजीत सिंह का आलीशान घर, फार्महाउस और गोदाम गिरा दिए। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जोबनजीत सिंह पिछले कुछ वर्षों में अचानक अमीर हो गया था और गांव में कई प्लॉट और वाहनों का मालिक बन गया था। ग्रामीणों ने बताया कि वह अक्सर संदिग्ध लोगों के संपर्क में रहता था और पुलिस की नजरों में था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जोबनजीत सिंह वर्तमान में फरार है और उसकी तलाश जारी है। उसकी संपत्तियों के अलावा पुलिस उसके बैंक खातों और सहयोगियों की जांच भी कर रही है। “हम उन सभी लोगों को चिन्हित कर रहे हैं जो उसके नशे के कारोबार में शामिल थे या उसे आर्थिक मदद कर रहे थे,” पुलिस अधिकारी ने कहा। डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह कार्रवाई नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “ड्रग माफिया और उनके सहयोगियों को संदेश दिया जा रहा है कि उनकी अवैध संपत्तियां अब सुरक्षित नहीं रहेंगी। पंजाब में बीते कुछ महीनों में ड्रग तस्करों और उनके नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इससे पहले तरनतारन, जालंधर और मोगा जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई करते हुए करोड़ों की अवैध संपत्तियां ध्वस्त की जा चुकी हैं।