नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच हुई इस बैठक में ऊर्जा, खेल, तेल-गैस खोज और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना, खेलो इंडिया योजना के विस्तार और समुद्री क्षेत्र में तेल-गैस खोज के लिए समुद्र मंथन कार्यक्रम को मंजूरी दी है।
कैबिनेट के सबसे अहम फैसलों में प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना शामिल है। इस योजना के तहत देश के जल निकायों और जलाशयों की सतह का इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत पहले ही प्रति व्यक्ति सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है और अब यह योजना देश में अक्षय ऊर्जा के विस्तार को नई गति देगी।
प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के तहत पानी की सतह पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे जमीन की उपलब्धता की समस्या को कम किया जा सकेगा। इससे जलाशयों का उपयोग दोहरे तरीके से होगा, जहां एक ओर जल संरक्षण होगा तो दूसरी ओर बिजली उत्पादन भी बढ़ेगा। सरकार का मानना है कि यह पहल ऊर्जा सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित होगी।
कैबिनेट ने खेल क्षेत्र को भी बड़ा बढ़ावा देने का फैसला किया है। खेलो इंडिया योजना के विस्तार के लिए अगले पांच वर्षों के लिए 29 हजार करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य देश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी उपलब्ध कराना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में खेलों को लेकर किए गए प्रयासों का परिणाम है कि भारत ने ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में बेहतर प्रदर्शन किया है। अब नए बजट के माध्यम से खिलाड़ियों की तैयारी को और मजबूत किया जाएगा। इस योजना का विशेष फोकस आगामी ओलंपिक, पैरालंपिक और 2030 में भारत में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों पर रहेगा।
कैबिनेट ने तेल और गैस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए समुद्र मंथन कार्यक्रम को भी मंजूरी दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए करीब 84 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत भारत के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में मौजूद तेल और प्राकृतिक गैस के भंडारों की खोज और उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि समुद्री क्षेत्रों में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों की खोज से देश का घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ सकता है और आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। इस कार्यक्रम के तहत आधुनिक तकनीक के जरिए समुद्र के भीतर मौजूद हाइड्रोकार्बन संसाधनों की पहचान और दोहन किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक भी पारित कर दिया। इस विधेयक में जन्म या मृत्यु के पंजीकरण से जुड़े नियमों को और सख्त किया गया है। नए प्रावधान के अनुसार, यदि घटना के एक साल बाद लेकिन दो साल के भीतर पंजीकरण कराया जाता है तो इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट, एसडीएम या अधिकृत अधिकारी की मंजूरी जरूरी होगी।
इस दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की भी अहम बैठक हुई। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है।
बैठक में कहा गया कि विदेशों में तैनात भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात मजबूती से रखेगा।
कुल मिलाकर मोदी कैबिनेट की बैठक में ऊर्जा, खेल, प्राकृतिक संसाधन और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं