नई दिल्ली: मानसून सत्र से पहले कांग्रेस अपनी संसदीय रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए बड़ी बैठक कर रही है। यह बैठक दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हो रही है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और रणनीतिकार शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार, संसद के आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार को किन मुद्दों पर घेरना है, इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा संसद के भीतर और बाहर पार्टी की रणनीति, विपक्षी दलों के साथ समन्वय, विभिन्न राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों तथा जनता से जुड़े विषयों पर भी व्यापक मंथन होगा। कांग्रेस इस बात पर भी विचार करेगी कि सदन में किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाए और सरकार को किस तरह घेरा जाए।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल 19 बैठकें (सिटिंग्स) प्रस्तावित हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, इस सत्र में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा, बहस और विधायी कार्य होंगे।
इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश या आगे बढ़ा सकती है। इनमें सबसे अधिक चर्चा परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक, महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक संशोधन, और 'वन नेशन, वन इलेक्शन' से जुड़े प्रस्तावों की है। इसके अलावा कुछ अन्य लंबित संवैधानिक संशोधन और प्रमुख विधेयकों पर भी सरकार आगे बढ़ सकती है।