Ranchi रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़ी गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसियों ने इस मामले में आरोपी मनोज कुमार, रोशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों अक्षय कुमार तिवारी और सुषमा कुमारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ी से जुड़े मामले की जांच लगातार जारी है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस अब रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की गहराई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान परीक्षा में गड़बड़ी के नेटवर्क, इसमें शामिल अन्य लोगों और पूरे मामले की साजिश से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किस तरह की गतिविधियां की गईं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। मनोज कुमार, रोशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी। अदालत ने पुलिस की मांग को स्वीकार करते हुए तीनों आरोपियों को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
वहीं, अक्षय कुमार तिवारी और सुषमा कुमारी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों के बीच संबंधों और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। JPSC में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे थे। छात्रों और अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
प्रशासन का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगी । पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गड़बड़ी का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
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