माफिया अतीक अहमद के गुर्गों ने बीजेपी नेता पर किया हमला, सामने आया वीडियो

वीडियो हुआ वायरल.

Update: 2025-03-18 12:04 GMT
कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बीजेपी युवा मोर्चा के जिला महामंत्री हर्ष केसरवानी से माफिया अतीक अहमद के गुर्गों द्वारा 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि विरोध करने पर माफियाओं ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनकी लाइसेंसी पिस्टल छीनने की भी कोशिश की. इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
घटना कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र के गिरसा चौराहे की बताई जा रही है. बीजेपी युवा मोर्चा के जिला महामंत्री हर्ष केसरवानी और उनके भाई शशांक केसरवानी की करोड़ों की जमीन को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था. बताया जा रहा है कि 11 मार्च को दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी थी, जिसके तहत 22 मार्च को जमीन की पैमाइश करने की तिथि निर्धारित की गई थी. लेकिन इससे पहले ही 15 मार्च को आरोपियों ने हर्ष केसरवानी को निशाना बना लिया.
बीजेपी नेता हर्ष केसरवानी ने आरोप लगाया कि 15 मार्च को जब वे अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी भवंस मेहता रोड पर माफिया अतीक अहमद के गुर्गों ने उनकी गाड़ी जबरन रोक ली. बताया जा रहा है कि इस दौरान सभी आरोपियों के हाथों में अवैध हथियार थे. गैंग के सरगना सलमान अहमद के ललकारने पर समर उपाध्याय, नीतीश पांडे, रितेश केसरवानी, अथर मिश्रा और मोहम्मद उमर ने उन्हें गाड़ी से घसीटकर बाहर निकाला.
पीड़ित हर्ष केसरवानी का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया और गले पर पैर रखकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी. उन्होंने धमकी दी कि यदि रंगदारी नहीं दी तो उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया जाएगा और परिवार सहित जिंदा दफन कर दिया जाएगा. इस घटना के बाद पीड़ित परिवार सरकार से सुरक्षा की मांग की है.
इस गुंडागर्दी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई. एसपी के आदेश पर कोखराज थाना पुलिस ने माफिया अतीक अहमद के गुर्गे माने जाने वाले मोहम्मद उमर, सलमान अहमद, रितेश केसरवानी, समर उपाध्याय, अथर मिश्रा और नीतीश पांडेय समेत 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
इस मामले पर कौशांबी के डीएसपी अवधेश विश्वकर्मा ने कहा कि कोखराज थाना क्षेत्र के अंतर्गत दो पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद था. पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर राजस्व विभाग की टीम को भी भेजा गया. दोनों पक्षों को समझाने के बाद थाने में बुलाया गया और 22 मार्च को जमीन की पैमाइश की तारीख तय हुई. लेकिन इससे पहले ही विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और विधिक कार्रवाई की जा रही है.
इस घटना के बाद बीजेपी नेता हर्ष केसरवानी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है. उन्होंने मांग की है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि माफिया अतीक अहमद के गुर्गों पर लगाम लगाई जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों.
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