घर की दूसरी मंजिल तक पहुंचा तेंदुआ, देखें LIVE VIDEO...

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Update: 2026-01-22 09:41 GMT
Shimla. शिमला। राजधानी शिमला के बाहरी इलाके में बुधवार देर रात एक तेंदुए (Leopard) के रिहायशी घर में घुसने का मामला सामने आया, जिसने वहां रहने वालों में भय और दहशत पैदा कर दी। सीसीटीवी फुटेज में यह घटना स्पष्ट रूप से कैद हो गई। वीडियो के अनुसार तेंदुआ 21 जनवरी की रात लगभग 11:23 बजे एक रिहायशी इमारत में घुसता दिखा। फुटेज में देखा गया कि तेंदुआ धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़ता और घर की दूसरी मंजिल तक पहुंचता है। घर के भीतर कोई शिकार न मिलने पर तेंदुआ शांतिपूर्वक सीढ़ियों से नीचे उतरता और इमारत से बाहर निकल जाता है। घटना के समय घर के सभी सदस्य सुरक्षित रूप से अंदर मौजूद थे।
यह शिमला में इस तरह की पहली घटना नहीं है। पहले भी शहर के रिहायशी इलाकों में तेंदुओं को पालतू कुत्तों का शिकार करते हुए देखा गया है और कई बार यह दृश्य सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुका है। इस तरह की घटनाओं से स्थानीय निवासियों में खासकर रात में देर से घर लौटने वाले लोगों में भय और चिंता बढ़ गई है। हाल के वर्षों में नवबहार, शिमला के आसपास के इलाके और मुख्य सड़कों पर तेंदुए के दिखाई देने की घटनाएं आम हो गई हैं। इससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से रात की गश्त बढ़ाने, तेंदुओं की गतिविधियों पर निगरानी रखने और जंगली जानवरों को रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने से रोकने के ठोस उपाय करने का अनुरोध किया है। वन विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे तेंदुओं के व्यवहार और आवास क्षेत्रों का अध्ययन करें और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
स्थानीय निवासियों को भी सतर्क रहने और रात के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि तेंदुए के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वन विभाग के मुताबिक, शहर के आसपास
जंगल
और हरे-भरे क्षेत्र होने के कारण तेंदुए कभी-कभी भोजन की तलाश में आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे में जनता की सुरक्षा और तेंदुओं के प्राकृतिक आवास के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बन गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरीकरण और जंगलों में कटाई के कारण तेंदुओं का निवास सीमित हो गया है। फलस्वरूप, ये जंगली जानवर मानव बस्तियों के करीब आने लगे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे तेंदुओं को उत्तेजित न करें और उनके रास्ते में किसी तरह का अड़चन न डालें। इसके अलावा, निवासियों को पालतू जानवरों की सुरक्षा का ध्यान रखने और अपने घरों के आसपास कचरा इकट्ठा न करने की सलाह दी गई है, ताकि तेंदुए का ध्यान इन इलाकों में न जाए।
शिमला प्रशासन ने भी लोगों को सचेत किया है और कहा है कि तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। यदि आवश्यक हुआ तो वन विभाग की टीम तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ने और उन्हें जंगल में छोड़ने की कार्रवाई कर सकती है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों दोनों के लिए चेतावनी का काम किया है कि जंगली जानवरों और मानव बस्तियों के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
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