Palghar पालघर। महाराष्ट्र में पालघर जिले में एक 11 वर्षीय स्कूली छात्र पर तेंदुए ने खौफनाक हमला किया। गनीमत रही कि बच्चे ने हिम्मत दिखाई और उसके साथी ने तुरंत समझदारी से काम लिया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। इलाके में इन बच्चों के साहस की हर तरफ तारीफ हो रही है। मामला मुंबई से सटे पालघर जिले के विक्रमगड़ तालुका का है। स्कूल से पढ़ाई कर लौटते वक्त छात्र पर एक तेंदुए ने हमला कर दिया। छात्र का नाम मयंक विष्णु कुवरा है, उसकी उम्र 11 साल है और वह 5वीं का छात्र है। उटावली आदर्श विद्यालय में वह पढ़ाई करता है। शाम को स्कूल खत्म होने के बाद वह माला पाडवीपाडा स्थित अपने घर लौट रहा था।
घर से स्कूल करीब 4 किलोमीटर दूर है। शुक्रवार को जब वह स्कूल से घर आ रहा था, तभी एक तेंदुआ झाड़ियों से निकला और उस पर झपट पड़ा। तेंदुए का पहला वार सीधे मयंक के कंधे पर लगे बैग पर हुआ, जिसकी वजह से उसकी जान बच गई। हालांकि तेंदुए के पंजों से उसके हाथ पर गहरे घाव हो गए। हमले के बावजूद मयंक ने हिम्मत नहीं हारी। वह जोर-जोर से चिल्लाया और प्रतिरोध किया। उसके साथ चल रहा दूसरा लड़का तेंदुए पर पत्थर फेंकने लगा। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े आए, जिससे तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला। इससे मयंक की जान बच गई। .
घायल मयंक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उसके हाथ में तेंदुए के पंजों की वजह से घाव हो गया था, जिसकी पट्टी कर दी गई है। मयंक की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। तेंदुए की पकड़ से बच निकलने के बाद मयंक की खूब चर्चा हो रही है और लोग दोनों छात्रों की हिम्मत की जमकर तारीफ कर रहे हैं।