लेक्चरर को 20 साल की सजा, किशोरी का किया था यौन शोषण

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Update: 2025-09-11 01:16 GMT

ओडिशा। मयूरभंज जिले की एक अदालत ने बुधवार को जिले के एक कॉलेज के लेक्चरर को नाबालिग छात्रा का यौन शोषण करने और पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें एवं वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करने के आरोप में 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी की पहचान मानस रंजन बारिक के रूप में हुई है और वह मयूरभंज जिले के रसगोबिंदपुर इलाके का निवासी है। मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी लेक्चरर स्वर्ण पदक विजेता है और वह उस कॉलेज में कार्यरत था, जहां पीड़िता 2022 में प्लस टू साइंस स्ट्रीम में पढ़ रही थी।

पीड़िता ने 29 मार्च, 2022 को बारीपदा टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झूठा वादा करके पीड़िता के साथ कई बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इस बीच, आरोपी ने पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिए। पीड़िता ने यह भी बताया कि जब बारिक ने पहले सोशल मीडिया पर उसके आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें प्रसारित की थीं तो हमारे और आरोपी लेक्चरर के परिवार के लोग मिले और एक समझौता हुआ, जिसके तहत आरोपी अपने मोबाइल फोन से पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो हटाने पर सहमत हो गया।

हालांकि, तस्वीरों को हटाने के बजाय उसने इसे सोशल मीडिया पर फिर से प्रसारित कर दिया, जिससे पीड़िता ने उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और 30 मार्च, 2022 को आरोपी लेक्चरर को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने सात गवाहों के बयान, 25 साक्ष्यों और पुलिस द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट सुनने के बाद बुधवार को आरोपी बारिक को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया।

अदालत ने मयूरभंज जिले के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को पीड़िता को मुआवजे के तौर पर एक लाख रुपए देने का भी निर्देश दिया है। इसी तरह की एक अन्य घटना में जाजपुर जिले की एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को एक व्यक्ति को जिले के कुआखाई इलाके में पिछले साल शादी के बहाने एक नाबालिग लड़की का यौन शोषण करने के लिए 30 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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