New दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC) और इससे जुड़े अस्पतालों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, मेडिकल शिक्षा और रिसर्च क्षमता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।समीक्षा बैठक में सुचेता कृपलानी अस्पताल (SSKH) और कलावती सरन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल (KSCH) में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली गई। मंत्री ने अस्पतालों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करने और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।
कलावती सरन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के विस्तार की समीक्षा
बैठक के दौरान जेपी नड्डा को कलावती सरन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में चल रहे विस्तार कार्यों के बारे में जानकारी दी गई।इस परियोजना का उद्देश्य अस्पताल की क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाना है। योजना के तहत अस्पताल में कुल बेड क्षमता को 394 से बढ़ाकर 894 किया जाएगा।इसके अलावा ICU क्षमता में भी बड़ा विस्तार किया जा रहा है। ICU बेड की संख्या 40 से बढ़ाकर 200 करने की योजना है। वहीं ऑपरेशन थिएटर की संख्या 4 से बढ़ाकर 12 की जाएगी।KSCH कैंपस में निर्माण कार्य जारी है। इसका उद्देश्य बच्चों के लिए टर्शियरी और सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाना है।
बच्चों के इलाज और मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
कलावती सरन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में विस्तार परियोजना का लक्ष्य केवल मरीजों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों के लिए बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।इससे बाल चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार होगा। साथ ही अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल शिक्षा एवं प्रशिक्षण की क्षमता भी बढ़ेगी।मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मरीज केंद्रित योजना बनाने के निर्देश
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि LHMC और इससे जुड़े अस्पतालों में चल रहे और भविष्य के सभी प्रोजेक्ट मरीज केंद्रित होने चाहिए।उन्होंने कहा कि अस्पतालों की योजना बनाते समय बदलती चिकित्सा जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखना जरूरी है।नड्डा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में गुणवत्ता और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।
आधुनिक डिजाइन और विशेषज्ञता के इस्तेमाल पर जोर
जेपी नड्डा ने कहा कि अस्पतालों के निर्माण और विस्तार की योजना तैयार करते समय देश और दुनिया के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों की विशेषज्ञता और बेहतर कार्यप्रणाली का उपयोग किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि अस्पतालों का डिजाइन ऐसा होना चाहिए, जिससे मरीजों, डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने पर भी जोर दिया।
मंजूरी और क्लीयरेंस समय पर लेने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त मंजूरी या क्लीयरेंस की आवश्यकता है, उन्हें समय पर मंत्रालय के सामने रखा जाए।उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी से विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए।सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती पर भी फोकस
जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के साथ-साथ मानव संसाधन बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि अस्पतालों में नए भवन और सुविधाएं तैयार करने के साथ डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया भी समानांतर रूप से चलनी चाहिए।उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पर्याप्त और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता जरूरी है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम
केंद्र सरकार देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अस्पतालों के विस्तार, मेडिकल शिक्षा बढ़ाने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दे रही है।LHMC और इसके संबद्ध अस्पतालों की समीक्षा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।