Gujrat गुजरात। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित दींडयाल पोर्ट अथॉरिटी (Deendayal Port Authority - DPA) के कांडला इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल (KICT) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अक्टूबर 2025 में टर्मिनल ने 60,708 टीईयू (TEUs) का रिकॉर्ड थ्रूपुट दर्ज किया है, जो अब तक का सबसे अधिक मासिक आंकड़ा है। यह पहली बार है जब KICT ने 60,000 टीईयू का मील का पत्थर पार किया है। इससे पहले, मार्च 2025 में 56,955 टीईयू का उच्चतम रिकॉर्ड दर्ज किया गया था, जिसे अब KICT ने पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास बनाया है। दींडयाल पोर्ट अथॉरिटी ने इस सफलता की जानकारी अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व ट्विटर) अकाउंट के माध्यम से साझा की। पोस्ट में कहा गया—
“DPA कांडला का कांडला इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल (KICT) ने अक्टूबर 2025 में 60,708 TEUs का ऐतिहासिक थ्रूपुट हासिल किया है। यह अब तक का सबसे अधिक मासिक थ्रूपुट है। चेयरमैन ने ट्रैफिक विभाग और KICT टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई दी है। दींडयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन ने इस सफलता को पोर्ट के कुशल संचालन, आधुनिक तकनीकी साधनों और टीमवर्क का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कांडला पोर्ट लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रहा है और यह उपलब्धि ‘भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक हब बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम’ है।
कांडला टर्मिनल का प्रदर्शन और विकास यात्रा
कांडला इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार विकास की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। पोर्ट पर अत्याधुनिक कंटेनर हैंडलिंग उपकरण, स्वचालित गेट सिस्टम, और स्मार्ट मॉनिटरिंग नेटवर्क लागू किए गए हैं। इन सुधारों ने संचालन की दक्षता और पारदर्शिता में वृद्धि की है। अधिकारियों के अनुसार, DPA ने “Ease of Doing Business” के तहत कई सुधार लागू किए हैं, जिससे कंटेनर क्लियरेंस समय में भारी कमी आई है। साथ ही, पोर्ट की रेल और सड़क कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया गया है ताकि देश के अंदरूनी हिस्सों से निर्यात और आयात की प्रक्रिया और सुगम हो सके।
वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में भारत की मजबूती
कांडला पोर्ट की यह उपलब्धि न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की बढ़ती समुद्री व्यापारिक क्षमता को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मील का पत्थर भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘गति शक्ति’ विजन को भी मजबूती प्रदान करेगा। पोर्ट अथॉरिटी अब अगले चरण में 70,000 TEUs मासिक थ्रूपुट का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिए नए यार्ड विस्तार, क्रेन इंस्टॉलेशन, और AI आधारित लॉजिस्टिक मैनेजमेंट सिस्टम पर काम जारी है।
कांडला पोर्ट का महत्व
कांडला बंदरगाह भारत का सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पोर्ट्स में से एक है, जो अरब सागर के किनारे स्थित है। यह देश के आयात-निर्यात व्यापार में अहम भूमिका निभाता है और पेट्रोकेमिकल्स, कृषि उत्पाद, तथा कंटेनराइज्ड कार्गो की बड़ी मात्रा को हैंडल करता है।
दींडयाल पोर्ट अथॉरिटी के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से यह स्पष्ट है कि भारत के पोर्ट सेक्टर में तकनीकी उन्नति, दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नए मानक स्थापित हो रहे हैं।