UPSC उम्मीदवारों को मोटिवेट करना पड़ा भारी? IPS बुशरा बानो के ट्रांसफर पर हुआ विवाद
नई दिल्ली: क्या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का हौसला बढ़ाने वाला एक सोशल मीडिया वीडियो किसी IPS अधिकारी के तबादले की वजह बन गया? पश्चिम बंगाल की IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो के ट्रांसफर को लेकर अब राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। पूर्व क्रिकेटर और सांसद मोहम्मद अजहरुद्दीन ने उनके तबादले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इससे अल्पसंख्यक समुदाय को किस तरह का संदेश जा रहा है।
वीडियो में क्या कहा था बुशरा बानो ने?
बुशरा बानो ने 13 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें वह UPSC की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों का उत्साह बढ़ाती नजर आई थीं। वीडियो में वह पुलिस की वर्दी में थीं और उन्होंने ‘अस्सलामुअलैकुम’, ‘इंशाल्लाह’ और ‘जजाकल्लाह’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इन शब्दों को लेकर आपत्ति जताई और अधिकारी की आलोचना की। विवाद बढ़ने के बाद बुशरा बानो ने वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया।
इसी बीच ‘हिंदू लीगल फंड’ नाम के एक X अकाउंट ने भी वीडियो शेयर किया। संगठन ने दावा किया कि इस मामले को पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के सामने शिकायत के तौर पर उठाया गया है। संगठन का कहना था कि एक सरकारी अधिकारी को सार्वजनिक संवाद में निष्पक्षता बनाए रखते हुए राष्ट्रीय अभिव्यक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए।
ट्रांसफर के बाद अजहरुद्दीन ने उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को बुशरा बानो का तबादला कर दिया। वह इससे पहले पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में एडिशनल SP के पद पर तैनात थीं। तबादले के बाद उन्हें स्टेट आर्म्ड पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट की जिम्मेदारी दी गई है।
बुशरा बानो के तबादले की खबर सामने आने के बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन ने मंगलवार को इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि ‘अस्सलाम वालेकुम’ और ‘इंशाल्लाह’ जैसे अभिवादन या शब्दों के इस्तेमाल को किसी IPS अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का आधार बनाया जा रहा है।
अजहरुद्दीन ने सवाल उठाया कि अगर किसी लोक सेवक को अभिवादन के कारण निशाना बनाया जाता है, तो इससे अल्पसंख्यकों को किस तरह का संदेश जाता है। उन्होंने भारत की विविधता को देश की ताकत बताते हुए अपनी आपत्ति दर्ज की।
महुआ मोइत्रा और इमरान प्रतापगढ़ी ने भी प्रतिक्रिया दी
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने बुशरा बानो के ट्रांसफर ऑर्डर की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी सेक्युलर छवि दिखाती है, जबकि दूसरी तरफ एक मुस्लिम महिला IPS अधिकारी के साथ उनके वीडियो में इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर कार्रवाई की जा रही है। महुआ ने बुशरा बानो के समर्थन में अपनी बात रखी।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक न्यूज चैनल ने बुशरा बानो के वीडियो को सनसनीखेज तरीके से पेश किया, जिसके बाद अधिकारी को ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि राज्य सरकार को अधिकारी का समर्थन करना चाहिए था, लेकिन अगले दिन उनका तबादला कर दिया गया।
अब खड़गपुर में कौन संभालेगा जिम्मेदारी?
तबादले के बाद बुशरा बानो को स्टेट आर्म्ड पुलिस की चौथी बटालियन का डिप्टी कमांडेंट बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह पार्थ घोष पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में नए एडिशनल SP की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इस पूरे मामले में बुशरा बानो के वीडियो, उसके बाद हुए विवाद और उनके तबादले के बीच संबंध को लेकर राजनीतिक बयान सामने आ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी और बाद में उसे हटा दिया गया। इसके बाद सरकार ने उनका तबादला किया।
अब इस घटनाक्रम को लेकर सवाल यही है कि सोशल मीडिया पर एक सरकारी अधिकारी की व्यक्तिगत शैली और उनकी आधिकारिक भूमिका के बीच किस तरह की सीमाएं तय होनी चाहिए, और क्या ऐसे मामलों में कार्रवाई का आधार स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए?