बारिश शुरू होते ही शहर में जंगल राज! कहीं तेंदुआ तो कहीं मगरमच्छ, अजगर ने भी मचाया हड़कंप
इंसानों के इलाके में ‘जंगल की एंट्री’
Haridwar हरिद्वार। मॉनसून की भारी बारिश के साथ हरिद्वार में जंगली जानवरों के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। बारिश के बीच कहीं तेंदुआ दिखाई दे रहा है तो कहीं मगरमच्छ और अजगर आबादी के बीच नजर आ रहे हैं। अचानक रिहायशी इलाकों में जंगली जानवरों की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। वहीं, वन विभाग के सामने भी इन जानवरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस जंगल में छोड़ने की चुनौती बढ़ गई है। हरिद्वार की भौगोलिक स्थिति इस समस्या को और गंभीर बनाती है। एक ओर राजाजी नेशनल पार्क और घना वन क्षेत्र है, जबकि दूसरी ओर गंगा बहती है। इन दोनों के बीच शहर और रिहायशी इलाके बसे हुए हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में पानी का बहाव, जंगल में हलचल और भोजन-पानी की तलाश में वन्यजीव आबादी की ओर पहुंच जाते हैं।
गंगा से आबादी में पहुंचा मगरमच्छ
जगजीतपुर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मगरमच्छ गंगा से निकलकर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। मगरमच्छ को देखकर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे आबादी क्षेत्र से दूर ले जाकर वापस गंगा में छोड़ दिया गया। वन विभाग की तत्परता के चलते किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
बारिश में बढ़ जाता है वन्यजीवों का मूवमेंट
मॉनसून के दौरान जंगल और नदी के आसपास वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। भारी बारिश के कारण कई बार प्राकृतिक आवास में परिस्थितियां बदल जाती हैं। ऐसे में जानवर सुरक्षित स्थान और भोजन की तलाश में आबादी की तरफ बढ़ सकते हैं। हरिद्वार में यह चुनौती इसलिए भी बड़ी है क्योंकि शहर का विस्तार वन क्षेत्र और गंगा के आसपास तक हो चुका है। कई रिहायशी इलाके ऐसे स्थानों के करीब हैं, जहां वन्यजीवों की आवाजाही स्वाभाविक रूप से होती रहती है।
तेंदुए और अजगर ने भी बढ़ाई चिंता
मॉनसून के दौरान हरिद्वार के अलग-अलग क्षेत्रों में तेंदुए और अजगर दिखाई देने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। सड़क, रिहायशी क्षेत्र या आबादी के आसपास अचानक जंगली जानवर नजर आने से लोगों में दहशत फैल जाती है। ऐसी घटनाओं के बाद वन विभाग की टीमों को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ती है। सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि जानवर को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए और उसे उसके प्राकृतिक क्षेत्र में वापस छोड़ा जाए।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। जंगल और नदी के आसपास के क्षेत्रों में अकेले जाने से बचना चाहिए और जंगली जानवर दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हरिद्वार में मॉनसून के दौरान तेंदुआ, मगरमच्छ और अजगर जैसे वन्यजीवों की आबादी में दस्तक वन विभाग के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। फिलहाल वन विभाग की टीमें ऐसे मामलों पर नजर रख रही हैं और सूचना मिलने पर रेस्क्यू कार्रवाई कर रही हैं।