Saharanpur सहारनपुर। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद चंदन चौहान ने केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी ने अपनी भावनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्त की हैं और आज के समय में सोशल मीडिया व मीडिया के जरिए किसी भी बात को तेजी से लोगों तक पहुंचाया जाता है। सहारनपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान चंदन चौहान ने कहा कि चौधरी साहब ने कहीं न कहीं एक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि बीती रात एक ट्वीट किया गया था, जिसमें अपनी भावनाओं को व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आज सोशल मीडिया और मीडिया किसी भी संदेश को तुरंत लोगों तक पहुंचाते हैं, उसी तरह इन भावनाओं को दूसरे पक्ष तक भी पहुंचना चाहिए।
RLD सांसद ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर बातचीत और संवाद का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताओं द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं को सही संदर्भ में समझने की जरूरत है और उन पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। जयंत चौधरी को लेकर पूछे गए सवाल पर चंदन चौहान ने कहा कि उनके बयान को लेकर जो संदेश सामने आया है, उसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं की बातों का अपना महत्व होता है और जनता तक पहुंचने वाले संदेशों पर सभी पक्षों को ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया वर्तमान समय में संवाद का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। किसी नेता की ओर से कही गई बात या लिखी गई पोस्ट कुछ ही समय में बड़े स्तर पर चर्चा का विषय बन जाती है। ऐसे में जरूरी है कि सभी पक्ष एक-दूसरे की भावनाओं को समझें। गौरतलब है कि जयंत चौधरी राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है। उनके बयानों को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जाता है।
चंदन चौहान ने कहा कि पार्टी और नेताओं के बीच संवाद की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हर मुद्दे को बातचीत के जरिए समझा और सुलझाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जयंत चौधरी और RLD की भूमिका को देखते हुए उनके किसी भी बयान पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो जाती है। हाल के दिनों में पश्चिमी यूपी में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर दलों के बीच बयानबाजी देखने को मिल रही है। फिलहाल चंदन चौहान के इस बयान के बाद जयंत चौधरी की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।