देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया में घर के बाहर खेल रहे एक मासूम के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। खेलते समय बच्चा अचानक लापता हो गया। काफी देर तक जब वह घर वापस नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। करीब दो से तीन घंटे तक आसपास खोजबीन करने के बाद एक गड्ढे में बच्चे का पैर दिखाई दिया। परिजनों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

जानकारी के मुताबिक बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था। परिवार के सदस्य अपने काम में व्यस्त थे। कुछ समय बाद जब बच्चा दिखाई नहीं दिया तो परिजनों ने पहले घर और आसपास उसकी तलाश की। उन्हें लगा कि वह खेलते हुए किसी पड़ोसी के घर या आसपास के बच्चों के साथ चला गया होगा।
जब काफी देर तक बच्चे का कोई पता नहीं चला तो परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की और गांव या मोहल्ले में उसकी तलाश शुरू की। स्थानीय लोग भी परिवार के साथ बच्चे को खोजने में जुट गए। गलियों, आसपास के खाली स्थानों और अन्य संभावित जगहों पर उसे तलाशा गया, लेकिन काफी समय तक कोई सुराग नहीं मिला। करीब दो से तीन घंटे की तलाश के बाद परिजन एक गड्ढे के पास पहुंचे। इसी दौरान गड्ढे में एक पैर दिखाई दिया। इसे देखकर लोगों के होश उड़ गए। तत्काल बच्चे को गड्ढे से बाहर निकाला गया। परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मासूम की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। जिस बच्चे को कुछ घंटे पहले तक परिवार ने घर के बाहर खेलते देखा था, उसकी अचानक मौत से परिजन सदमे में हैं। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटना के संबंध में परिजनों तथा आसपास मौजूद लोगों से जानकारी ली। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चा गड्ढे तक कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसमें गिर गया।
प्रारंभिक तौर पर घटना को खेलते समय हुए हादसे से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है। गड्ढा कितना गहरा था और वहां सुरक्षा के लिए किसी तरह की घेराबंदी थी या नहीं, इस संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों के बीच खुले गड्ढों को लेकर भी चिंता सामने आई है। आबादी वाले इलाकों में खुले या पानी से भरे गड्ढे छोटे बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। बच्चे खेलते समय खतरे का अंदाजा नहीं लगा पाते और थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर घरों और आबादी के आसपास मौजूद खुले गड्ढों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। ऐसे स्थानों की घेराबंदी और चेतावनी संकेत लगाने से हादसों के खतरे को कम किया जा सकता है। छोटे बच्चों के खेलते समय परिवार के सदस्यों की निगरानी भी बेहद जरूरी है। फिलहाल बच्चे की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। मासूम की अचानक मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
Tags: