Market. मंडी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि व्यवस्था परिवर्तन का राग अलापने वाली प्रदेश सरकार अपने दावे के अनुरूप आबकारी राजस्व में वृद्धि नहीं कर पाई है। आलम यह है कि जिन कंपनियों को शराब के यूनिट दिए गए हैं, वे लाइसेंस फीस तक नहीं जमा कर पाए और विभाग को इनके ठेके सील करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू-लाहुल और पांगी में शराब का ठेका चलाने का काम कांग्रेस शासित तेलंगाना की कंपनी को दिया गया था, लेकिन नियमों में फेर-बदल करके हिमाचल के सर्वाधिक पर्यटकों की आमद वाले कुल्लू-लाहुल-पांगी क्षेत्र के ठेकों को एक ही यूनिट के रूप में नीलाम किया गया।
बेस प्राइस से मात्र एक लाख रुपए अधिक की बोली लगाकर एपीटको ने यह नीलामी अपने नाम की थी, मगर यह कंपनी पहले महीने में ही हांफ गई है और मई महीने की 15 करोड़ रुपए की लाइसेंस फीस न चुकाने के कारण प्रशासन द्वारा शराब के ठेके सील कर दिए गए हैं। इससे साफ है कि जब टूरिस्ट सीजन के चरम पर यह स्थिति है, तो आने वाले समय में कितनी भयावह स्थिति बनेगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि इसके पहले भी हिमाचल प्रदेश में नगर निगम समेत विभिन्न निगमों और बोर्ड्स से मुख्यमंत्री ने शराब बिकवाकर उनका करोड़ों का घाटा करवाया है और अब वह आबकारी विभाग को अपने व्यवस्था परिवर्तन की प्रयोगशाला बनाकर प्रदेश के राजस्व को भारी चपत लगा रहे हैं, क्योंकि जमीनी हकीकत और डॉक्यूमेंटेड आंकड़े बताते हैं कि राज्य सरकार राजस्व बढ़ाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।