शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध पर स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह देश के करोड़ों युवाओं के हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। परीक्षाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदम ऐतिहासिक हैं। केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की नीति अपनाई है, लेकिन हिमाचल सरकार का रवैया इसके बिल्कुल विपरीत रहा है। प्रदेश सरकार के मंत्री मंच से खुलेआम सिफारिश से नौकरी दिलवाने का ऐलान करते हैं।
शिक्षा बोर्ड में हाल ही में हुई भर्ती में एक ही नेता के विधानसभा क्षेत्र के लोगों की भर्ती का मामला अभी भी चर्चा में है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पुलिस भर्ती में पेपर लीक के स्पष्ट साक्ष्य सामने आने के बाद भी सरकार ने उसे पेपर लीक मानने से इनकार किया। खुफिया इनपुट के आधार पर शुरुआती कार्रवाई करते हुए पुलिस द्वारा कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पैसे के लेन-देन के स्पष्ट प्रमाण थे। भारी मात्रा में नकदी भी बरामद हुई थी। सामूहिक नकल के आरोप लगाने वाले अभ्यर्थी सामने आए। सीसीटीवी जांच करवाने की मांग भी हुई, लेकिन सरकार ने नहीं माना और जांच रुकवा दी। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस की नीयत साफ होती तो वह पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर संसद में चर्चा करती।