जैसलमेर। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जैसलमेर के रामदेवरा स्थित ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र का दौरा किया। उन्होंने यह दौरा डेजर्ट नेशनल पार्क के सम क्षेत्र में गोडावण के रीवाइल्डिंग कार्यक्रम से एक दिन पहले किया।  
भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर बताया कि केंद्र में युवा शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के काम ने उन्हें काफी प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक कई वर्षों से गोडावण संरक्षण परियोजना पर समर्पण के साथ काम कर रहे हैं और इस प्रजाति को प्राकृतिक आवास में वापस स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में कैप्टिव ब्रीडिंग से तैयार दो ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह भारत के गोडावण संरक्षण कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण चरण है, क्योंकि परियोजना अब संरक्षण-प्रजनन से आगे बढ़कर पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में दोबारा स्थापित करने की दिशा में पहुंची है।  
रामदेवरा में नया रीवाइल्डिंग एवियरी भी तैयार किया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, रामदेवरा और सम की सुविधाओं में संरक्षण कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में गोडावण रखे गए हैं, जिनमें से कुछ पक्षियों को भविष्य में जंगल में छोड़ने के लिए चिह्नित किया गया है। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी प्रजाति है और राजस्थान में इसे गोडावण के नाम से जाना जाता है। रीवाइल्डिंग के बाद पक्षियों की गतिविधियों, व्यवहार और प्राकृतिक परिस्थितियों में अनुकूलन की वैज्ञानिक निगरानी की जाएगी।
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