Jaipur: मनमानी फीस वसूल करने पर कोचिंग सेंटर पर लगेगा भारी जुर्माना

"प्रॉपर्टी भी जब्त होगी"

Update: 2025-03-20 05:44 GMT

जयपुरराजस्थान सरकार ने प्रदेश में कोचिंग सेंटरों की बढ़ती समस्या और कोचिंग स्टूडेंट्स की आत्महत्याओं की घटनाओं को रोकने के लिए विधानसभा में एक नया बिल पेश किया है। इस बिल का नाम "राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट कंट्रोल्ड एंड रेगुलेशन बिल 2025" रखा गया है। इस बिल में कोचिंग सेंटरों पर कड़ा नियंत्रण और निगरानी रखने के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं, जिससे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उनके मानसिक दबाव को कम किया जा सके।

बिल के अनुसार, कोचिंग सेंटर अब मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे। पहले कई कोचिंग संस्थान छात्रों से अत्यधिक फीस वसूलते थे, जो गरीब या मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए परेशानियों का कारण बनता था। इस नए बिल में कोचिंग सेंटरों के लिए फीस को नियंत्रित करने के कड़े नियम बनाए गए हैं, जिससे फीस की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।

इसके अलावा, राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट कंट्रोल्ड एंड रेगुलेशन बिल 2025 में कोचिंग सेंटरों को लाइसेंस प्राप्त करने की शर्त भी शामिल की गई है। बिना लाइसेंस के कोचिंग सेंटरों का संचालन अब अवैध माना जाएगा। इसके साथ ही कोचिंग सेंटरों के लिए आवश्यक मानकों का पालन करना भी अनिवार्य होगा, जैसे कि उचित छात्र-प्रति शिक्षक अनुपात, शिक्षकों की योग्यताएं, और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल।

इस बिल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है, जिससे वे पढ़ाई के दबाव में आकर आत्महत्या जैसे कदम न उठाएं। पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में कोचिंग स्टूडेंट्स की आत्महत्याओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं, जिनके कारण सरकार को इस तरह के सख्त कदम उठाने की आवश्यकता महसूस हुई।

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कोचिंग सेंटरों द्वारा छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने के लिए काउंसलिंग सुविधाएं प्रदान की जाएं। इसके तहत छात्रों को तनाव और दबाव से निपटने के लिए प्रशिक्षित काउंसलर्स उपलब्ध कराए जाएंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि इस बिल के लागू होने से कोचिंग संस्थानों में अनुशासन बढ़ेगा और छात्रों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा। इसके साथ ही, कोचिंग सेंटरों को अधिक जिम्मेदारी का एहसास होगा और वे अपने छात्रों के प्रति अपनी भूमिका को समझेंगे।

इस बिल की राज्य विधानसभा से मंजूरी मिलने के बाद, राजस्थान में कोचिंग उद्योग को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकेगा, और छात्रों की सुरक्षा और भलाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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