नई दिल्ली। कर्नाटक और महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया है। फाइव-स्टार होटलों से लेकर फास्ट-फूड चेन, सरकारी कैंटीन, रेस्टोरेंट, गोदाम और किराना सप्लायर्स तक जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। जांच के दौरान कई जगह एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, खराब स्टोरेज व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं।

FDA की कार्रवाई के बाद बड़ी मात्रा में खराब और इस्तेमाल के योग्य नहीं पाए गए खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं। कई जगहों पर खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया, किचन बंद कराए गए और गोदामों को सील करने की कार्रवाई भी की गई है। इसके अलावा कुछ प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

इस कार्रवाई के बाद सवाल उठने लगे हैं कि होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य आपूर्ति से जुड़े संस्थानों में ग्राहकों को किस तरह का खाना परोसा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

कर्नाटक में स्टार होटलों पर FDA की नजर

कर्नाटक में शिकायतों के बाद FDA ने विशेष अभियान चलाया। इसके लिए 30 स्पेशल टीमें गठित की गईं, जिन्होंने बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की।

अगस्त के पहले सप्ताह में FDA की टीमों ने 26 स्टार होटलों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के करीब 35 सैंपल भी लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।

जांच के दौरान बेंगलुरु स्थित रैडिसन ब्लू एट्रिया होटल से बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बरामद होने का मामला सामने आया। अधिकारियों के अनुसार, होटल से करीब 105 किलोग्राम खराब खाद्य सामग्री जब्त की गई।

जब्त सामग्री में लगभग 50 किलो चिकन, 25 किलो मीट, 23 किलो मछली और 7 किलो सब्जियां शामिल थीं। अधिकारियों ने बताया कि यह सामग्री उपयोग की स्थिति में नहीं थी और इसे नष्ट कर दिया गया।

FDA अधिकारियों ने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री के रखरखाव, तापमान नियंत्रण, स्टोरेज व्यवस्था और एक्सपायरी डेट की जांच की जा रही है। किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

खराब स्टोरेज और स्वच्छता पर सवाल

जांच के दौरान कई स्थानों पर खाद्य सामग्री रखने के तरीके में लापरवाही सामने आई। कुछ जगहों पर खाने-पीने की चीजों को सही तापमान पर स्टोर नहीं किया गया था। वहीं कुछ प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।

FDA का कहना है कि केवल एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री ही नहीं, बल्कि खराब स्वच्छता व्यवस्था भी लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए जांच के दौरान किचन की सफाई, कर्मचारियों की स्वच्छता और खाद्य पदार्थों के रखरखाव की भी जांच की जा रही है।

महाराष्ट्र में भी बढ़ाई गई निगरानी

कर्नाटक के साथ महाराष्ट्र में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। यहां होटल, रेस्टोरेंट, किराना दुकानों और खाद्य सप्लाई करने वाले गोदामों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों और बढ़ती खाद्य खपत को देखते हुए यह अभियान और तेज किया जाएगा। खासकर ऐसे प्रतिष्ठानों पर नजर रखी जा रही है जहां बड़ी संख्या में लोगों के लिए खाना तैयार किया जाता है।

ग्राहकों की सुरक्षा प्राथमिकता

FDA अधिकारियों ने कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना हर होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य विक्रेता की जिम्मेदारी है। ग्राहकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में खराब भोजन, गंदगी या नियमों का उल्लंघन दिखाई देता है तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग से करें।

विशेषज्ञों के अनुसार, खराब या एक्सपायर्ड खाना खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट संबंधी बीमारियां और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच बेहद जरूरी है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

FDA ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल एक बार की जांच तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में भी होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन और खाद्य आपूर्ति केंद्रों की जांच जारी रहेगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर शिकंजा कसना है। लगातार हो रही कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में भी सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है।

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