ITBP जवान के साथ ₹51 लाख की साइबर ठगी, फर्जी ट्रेडिंग ऐप का हुआ इस्तेमाल

जांच जारी

Update: 2026-01-11 14:50 GMT
Noida नोएडा: सूरजपुर क्षेत्र में आईटीबीपी जवान राजेश कुमार साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर फर्जी ट्रेडिंग एप पर निवेश कराया और करीब 51 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों को फर्जी ऐप्स और सोशल मीडिया निवेश के जाल से सावधान रहने की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित जवान राजेश कुमार हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के गुमझून गांव के निवासी हैं और वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर इलाके में तैनात हैं। 26 अगस्त को उनकी सोशल मीडिया पर ईशा देशाई नामक महिला से बातचीत शुरू हुई। महिला ने खुद को शेयर बाजार की विशेषज्ञ बताया और दावा किया कि वह निवेश कराकर 30 प्रतिशत तक का मुनाफा दिला सकती है।
महिला ने राजेश को ‘गो मार्केट ग्लोबल सीएस प्लेटफॉर्म’ नामक एप का लिंक भेजा और उसे डाउनलोड कराकर पंजीकरण कराया। शुरुआत में राजेश ने केवल 10 हजार रुपये निवेश किए। एप पर उन्हें कुछ ही दिनों में 5 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया, जो उनके बैंक खाते में भी ट्रांसफर हो गया। इससे उनका भरोसा ठगों पर और बढ़ गया। इसके बाद ठगों ने राजेश को अधिक निवेश करने के लिए उकसाया। महिला और उसके साथी लगातार संपर्क में रहते हुए बड़े मुनाफे का सपना दिखाते रहे। राजेश कुमार ने 6 नवंबर तक कई बार अलग-अलग बैंक खातों में कुल मिलाकर लगभग 51 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। फर्जी एप पर उनका पोर्टफोलियो एक करोड़ रुपये से ज्यादा का दिखने लगा।
जब राजेश ने अपनी पूरी रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने नए पैंतरे अपनाए। उन्हें कहा गया कि रकम निकालने के लिए पहले टैक्स और ट्रांसफर फीस के नाम पर और पैसे जमा करने होंगे। ठगी का शक होने पर राजेश ने पैसे देने से इनकार किया, लेकिन इसके बाद ठगों ने संपर्क पूरी तरह तोड़ लिया और मोबाइल नंबर बंद कर दिए। राजेश ने तुरंत साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कराया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और एप से जुड़ी सभी जानकारी खंगाली जा रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है।
पुलिस ने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि अब साइबर ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर निवेशकों को फंसाते हैं। वे खुद को शेयर बाजार के विशेषज्ञ बताकर फर्जी एप डाउनलोड कराते हैं। शुरुआत में छोटी रकम पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतते हैं और फिर धीरे-धीरे लाखों रुपये हड़प लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ठगी से बचने के लिए केवल सरकारी या प्रमाणित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना चाहिए। किसी अजनबी की सलाह पर बड़े निवेश से पहले पूरी जांच और विश्वसनीयता की पुष्टि आवश्यक है। पुलिस ने सभी निवेशकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अज्ञात स्रोत से आए निवेश प्रस्तावों पर कभी विश्वास न करें।
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