Mumbai मुंबई: भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते रणनीतिक एवं तकनीकी सहयोग को नई दिशा देते हुए वर्ष 2026 को ‘भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस घोषणा के साथ दोनों देशों ने द्विपक्षीय रिश्तों को केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रखकर आम जनता, उद्योग जगत, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं तक विस्तार देने की प्रतिबद्धता जताई है। साझेदारी को अब “पार्टनरशिप ऑफ द पीपल” की अवधारणा के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। 



नवाचार वर्ष के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, अंतरिक्ष, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में संयुक्त कार्यक्रम, कार्यशालाएं और एक्सचेंज पहल आयोजित किए जाने की योजना है। दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़ने, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने और युवाओं के बीच ज्ञान-साझाकरण को मजबूत करने पर विशेष ध्यान रहेगा। अकादमिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए भी नई पहलें प्रस्तावित हैं। 

कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पहल भारत–फ्रांस संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इससे तकनीकी विकास, नवाचार आधारित उद्यमिता और कौशल निर्माण को गति मिलेगी, साथ ही वैश्विक चुनौतियों के समाधान में साझा प्रयासों को मजबूती मिलेगी। दोनों देशों ने विश्वास व्यक्त किया है कि 2026 का नवाचार वर्ष सहयोग के नए अवसर खोलेगा और द्विपक्षीय रिश्तों को और अधिक गहरा बनाएगा।
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