Parth परथ: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रहा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘AustraHind 2025’ सोमवार को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के परथ में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह वार्षिक द्विपक्षीय अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, सामरिक समझ और सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला साबित हुआ। दोनों देशों के सैनिकों ने इस दो सप्ताह तक चले युद्धाभ्यास में काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन, शहरी युद्ध (Urban Warfare), जंगल और पर्वतीय इलाकों में ऑपरेशन, तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) जैसे मिशनों पर साझा प्रशिक्षण लिया। इस दौरान भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व राजस्थान स्थित एक इन्फैंट्री बटालियन समूह ने किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई सेना की ओर से 13वीं ब्रिगेड, वेस्टर्न कमांड ने हिस्सा लिया।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच संयुक्त ऑपरेशन क्षमता को बढ़ाना और बहुराष्ट्रीय मिशनों में एक-दूसरे की कार्यशैली को समझना था। अभ्यास के दौरान दोनों पक्षों ने ड्रोन ऑपरेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली, और साइबर सुरक्षा उपायों पर भी साझा अनुभवों का आदान-प्रदान किया। अंतिम चरण में आयोजित संयुक्त डेमोंस्ट्रेशन एक्सरसाइज में दोनों सेनाओं ने आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का सफल अभ्यास किया, जिसमें आधुनिक हथियारों और रणनीतियों का प्रदर्शन किया गया। समापन समारोह में दोनों देशों के रक्षा अधिकारियों ने उपस्थित होकर सैनिकों के प्रदर्शन की सराहना की और इस अभ्यास को भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग के इतिहास में मील का पत्थर बताया।
भारतीय पक्ष के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “AustraHind 2025 न केवल सामरिक अभ्यास था बल्कि आपसी विश्वास और मित्रता का प्रतीक भी है। इससे दोनों सेनाओं के बीच व्यावसायिक समझ और रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। वहीं ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के अभ्यास इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ज्ञात हो कि ‘AustraHind’ श्रृंखला का पहला संस्करण 2022 में राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया गया था, और तब से यह वार्षिक रूप से दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित किया जा रहा है।