अजनाला कांड के आरोपी को नेपाल भेजने वाला सुरेश गिरफ्तार

Update: 2026-07-28 14:29 GMT

बहराइच। पंजाब के चर्चित अजनाला कांड से जुड़े वांछित आरोपितों को नेपाल सीमा पार कराने में मदद करने वाले सुरेश पाठक को लेकर जांच एजेंसियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि रुपईडीहा निवासी सुरेश पाठक पहले से ही अजनाला कांड के वांछित विक्रमजीत सिंह के संपर्क में था और उसने अपनी ट्रैवल एजेंसी की आड़ में आरोपितों को नेपाल पहुंचाने में मदद की थी। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार, सुरेश पाठक मूल रूप से रुपईडीहा क्षेत्र का रहने वाला है। वह करीब सात साल तक पंजाब में फल और जूस का कारोबार करता रहा था। इसी दौरान उसका संपर्क कुछ ऐसे लोगों से हुआ, जो बाद में वारिस पंजाब दे संगठन से जुड़े बताए गए। इसी संपर्क के चलते सुरेश की पहचान अजनाला कांड के आरोपितों से हुई। फरवरी 2023 में अजनाला कांड के बाद सुरेश पाठक का संपर्क विक्रमजीत सिंह से और मजबूत हुआ।

जांच में पता चला है कि जब विक्रमजीत को यह जानकारी हुई कि सुरेश नेपाल सीमा क्षेत्र रुपईडीहा का रहने वाला है, तो उसने उसे वहीं सक्रिय होने के लिए तैयार किया। इसके बाद सुरेश ने रुपईडीहा में ट्रैवल एजेंसी का काम शुरू किया। आरोप है कि इस एजेंसी का इस्तेमाल केवल सामान्य यात्रा सुविधा के लिए नहीं, बल्कि वांछित लोगों को सीमा पार कराने और उनके आवागमन में मदद करने के लिए भी किया जाता था।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, सुरेश पाठक की मदद से विक्रमजीत सिंह और अमृतपाल सिंह पहले भी रुपईडीहा सीमा के रास्ते काठमांडू जा चुके थे। इस पूरे नेटवर्क में सुरेश के साथ दीपक पाठक और चालक राहुल भी सहयोग करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि नेपाल आने-जाने में होने वाला खर्च पीलीभीत के पूरनपुर निवासी जोगा सिंह द्वारा उठाया जाता था।

पुलिस के अनुसार, पंजाब में अजनाला कांड के बाद फरार चल रहे आरोपितों को पीलीभीत में शरण देने में भी जोगा सिंह की भूमिका सामने आई है। अब तक इस मामले में विक्रमजीत सिंह, अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह, जोगा सिंह, सुरेश पाठक, दिलीप कुमार और राहुल समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे और क्या सीमा पार गतिविधियों में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि अभी कुछ और नाम सामने आ सकते हैं।

भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। एसटीएफ, एटीएस, रॉ, एसएसबी और अन्य खुफिया एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। रुपईडीहा बॉर्डर पर आने-जाने वाले लोगों की जांच बढ़ा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा बलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

बहराइच पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है। पुलिस की टीमें सक्रिय हैं और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

अजनाला कांड से जुड़े आरोपितों को नेपाल पहुंचाने में मदद करने वाले इस नेटवर्क के खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्र में सक्रिय हो गई हैं। ट्रैवल एजेंसी की आड़ में चल रही संदिग्ध गतिविधियों की जांच भी तेज कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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