भारत को रूसी तेल खरीदने की छूट, डेमोक्रेट्स बोले– दुश्मन को फायदा
ट्रंप सरकार पर विपक्ष का हमला
Delhi दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दिए जाने के फैसले ने अमेरिका की राजनीति में विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी डेमोक्रेट सांसदों ने इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए इसे खतरनाक और आत्मघाती कदम बताया है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हाल ही में भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों में 30 दिनों की अस्थायी राहत दी थी। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला वैश्विक तेल बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है। खासकर ईरान से जुड़े संघर्ष और होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है।
हालांकि, इस फैसले का अमेरिका के कई विपक्षी नेताओं ने विरोध किया है। कैलिफोर्निया से प्रतिनिधि Sam Liccardo और एरिजोना से सीनेटर Ruben Gallego ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent को पत्र लिखकर इस निर्णय पर आपत्ति जताई है।
अपने पत्र में उन्होंने कहा कि भारत को 30 दिनों की छूट देना एक खतरनाक और आत्मघाती फैसला है, जिसे किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की छूट देना “दुश्मन को सीधे फायदा पहुंचाने” जैसा है।
डेमोक्रेट सांसदों ने मांग की है कि ट्रंप प्रशासन तुरंत इस छूट को वापस ले और रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करे। उनका कहना है कि इस तरह के फैसले से रूस को आर्थिक फायदा मिल सकता है। वहीं ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में तेल की कीमतों को स्थिर रखना जरूरी है और इसी वजह से भारत को अस्थायी राहत दी गई है। इस फैसले को लेकर अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।