Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचव की शिकायत पर दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में सरकार की ओर से दिया गया बयान गलत साबित हुआ है। इमरान मसूद ने कहा कि सरकार ने संसद में दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया, लेकिन एफआईआर दर्ज होने के बाद यह मामला सामने आ गया कि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस सांसद ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि एक सामान्य एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्हें दिल्ली में कई घंटे बैठना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर नेता प्रतिपक्ष को ही शिकायत दर्ज कराने के लिए इतना संघर्ष करना पड़े, तो आम लोगों को न्याय मिलने की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। इमरान मसूद ने कहा कि देश में न्याय व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचव पैलेट गन से घायल हुए थे। उनकी शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस घटना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए और घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी होने की बात कही गई है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से पूरे मामले पर जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। जंतर-मंतर प्रदर्शन और एफआईआर का मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सड़क दोनों जगहों पर बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।