भवन तैयार तो बच्चे क्यों कर रहे इंतजार

Update: 2026-07-16 11:55 GMT
Market. मंडी। द्रंग विधानसभा क्षेत्र में संचालित वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल देउरी भवन का लोकार्पण ना होने का मामला हिमाचल हाई कोर्ट पंहुच गया है। देउरी स्कूल भवन के तैयार होने पर बच्चों को करवाए जा रहे इंतजार पर हाई कोर्ट सख्त हो गया है। हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग को इस स्कूल भवन का लोकार्पण लटकाने पर कड़ी फटकार लगाई है। इस मामले में सरकार से एक सप्ताह के भीतर कोर्ट में जवाब फाइल करने के आदेश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब 22 जुलाई को होगी। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देउरी प्रकरण में राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कुंजलाल बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तीखे सवाल किए कि जब स्कूल का नया भवन पूरी तरह बनकर तैयार है, तो विद्यार्थियों को वहां स्थानांतरित क्यों नहीं किया जा रहा है। स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को आधुनिक सुविधाओं से वंचित रखकर पुरानी जगह पर क्यों बिठाया जा रहा है।
इस मामले की अगली सुनवाई अब 22 जुलाई को तय की गई है। गौरतलब है कि मंडी जिला का यह स्कूल साल 2023 में आई आपदा में तबाह हो गया था। इसके बाद सरकार और शिक्षा विभाग ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए नए भवन का निर्माण करवाया था, लेकिन इसके उद्घाटन को लेकर अब भारी राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। विवाद तब और गहरा गया जब बीते 5 जुलाई को प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर खुद नए भवन की प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने स्कूल पहुंचे थे, लेकिन कथित तौर पर ऐन मौके पर आए एक फोन कॉल के बाद पूरी प्रक्रिया को रोक दिया गया और बच्चों की शिफ्टिंग टाल दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंकुश दास सूद, अधिवक्ता नंदलाल ठाकुर और अधिवक्ता उदयनंद शर्मा द्वारा अदालत में की गई मजबूत पैरवी के बाद उच्च न्यायालय ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।
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