ICAR छात्रों की स्कॉलरशिप अब सीधे खाते में, शिवराज ने DBT सुविधा की लॉन्च

Update: 2026-08-10 14:41 GMT
Delhi दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति और फेलोशिप के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सुविधा का शुभारंभ किया। इस व्यवस्था के जरिए विद्यार्थियों को मिलने वाली स्कॉलरशिप सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे छात्रवृत्ति के भुगतान में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप विश्वविद्यालय से कॉलेज और फिर छात्रों तक पहुंचती थी, जिसकी वजह से भुगतान में काफी समय लग जाता था। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति छात्रों तक पहुंचने में देर होने से उन्हें पढ़ाई के दौरान आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि DBT सुविधा की शुरुआत के साथ सोमवार को 6,080 विद्यार्थियों के बैंक खातों में स्कॉलरशिप की राशि पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे ICAR के सभी पात्र विद्यार्थियों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, ताकि छात्रों को हर महीने समय पर छात्रवृत्ति मिल सके। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक सहायता के लिए विद्यार्थियों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। स्कॉलरशिप सीधे खाते में पहुंचने से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने के दौरान विद्यार्थियों की जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में छात्रवृत्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
DBT व्यवस्था के जरिए छात्रवृत्ति भुगतान की प्रक्रिया में बिचौलियों और अनावश्यक प्रशासनिक देरी की संभावना कम होने की उम्मीद है। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई, शोध और अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त होगी। कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में ICAR के विद्यार्थियों को विभिन्न छात्रवृत्तियां और फेलोशिप प्रदान की जाती हैं। नई डिजिटल भुगतान व्यवस्था से इन योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने इसे छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि विद्यार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता समय पर मिले, जिससे वे बिना वित्तीय बाधाओं के अपनी शिक्षा और शोध कार्य जारी रख सकें। आने वाले समय में इस सुविधा के दायरे को बढ़ाकर अधिक विद्यार्थियों को इससे जोड़े जाने की योजना है।
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