IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड, ताहिर हुसैन को उम्रकैद
जानें पूरा मामला.
नई दिल्ली: दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे पहले कोर्ट ने साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया था। सजा सुनने के बाद सभी दोषी रोने लगे। कोर्टरूम के बाहर उनके परिवार वाले भी रो रहे थे।
कोर्ट ने 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों की सजा की अवधि पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। कोर्ट ने 13 जुलाई को पांच लोगों को दोषी करार देते हुए इस मामले के छह आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया था।कोर्ट ने इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा नाजिम, कासिम, अनस और जावेद को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने हसीन ऊर्फ मुल्लाजी ऊर्फ सलमान, समीर खान, फिरोज, गुल्फाम, शोएब आलम ऊर्फ बॉबी और मुंतजिम ऊर्फ मुसा को बरी करने का आदेश दिया था।
बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच ने 3 जून 2020 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल किया था। इसमें कहा गया था कि 24 और 25 फरवरी 2020 को ताहिर हुसैन ने अपने घर और चांद बाग पुलिया के पास मस्जिद से भीड़ का नेतृत्व किया और उसे सांप्रदायिक रूप दिया। अंकित शर्मा हत्या के लिए साजिश रची गई थी। उनको ताहिर हुसैन के नेतृत्व में भीड़ ने खास रूप से टारगेट किया। यह वारदात ताहिर हुसैन के घर के बाहर हुई थी। अंकित शर्मा की हत्या करने के बाद भीड़ ने उनकी लाश एक नाले में फेंक दी थी।
अंकित शर्मा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने पाया था कि उनके शरीर पर तेज धार वाले हथियार से 51 वार के निशान थे। चार्जशीट में ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया गया। दिल्ली पुलिस ने अंकित के पिता के बयान पर ताहिर हुसैन के खिलाफ केस दर्ज किया था। ताहिर हुसैन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 365, 201 और धारा 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और करीब दो सौ लोग घायल हो गए थे।
मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु व घटनाक्रम
25 फरवरी 2020- अंकित शर्मा की हत्या
26 फरवरी 2020- दयालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज
3 जून 2020 - पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया
21 अगस्त 2020- कोर्ट ने आरोपपत्र पर संज्ञान लिया
5 फरवरी 2021- पुलिस ने पहला पूरक आरोपपत्र दाखिल किया
23 जून 2022- पुलिस ने दूसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया
9 दिसंबर 2022- पुलिस ने तीसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया
23 मार्च 2023- कड़कड़डूमा कोर्ट ने 11 आरोपियों के खिलाफ तय किए आरोप
13 जुलाई 2026 - कोर्ट ने 5 को दोषी ठहराया, 6 को बरी किया
27 जुलाई 2026 - सजा पर बहस, अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए मांगी थी फांसी
31 जुलाई 2026 - दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा