बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र में 20 जून को शादी हुई थी. शादी के 10 दिन बाद पति गुजरात चला गया. इस बीच परिजनों ने उसे फोन पर पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी दी. विवाद बढ़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया, जहां मंदिर के पास महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया. पुलिस ने तत्काल जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां से उन्हें जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. सुबेहा थाना इंचार्ज बेचू सिंह के अनुसार आईजीआरएस शिकायत पर दोनों पक्ष आए थे और उनके बीच समझौता हो चुका था.
गुजरात से वापस लौटने के बाद पति ने मामले की छानबीन की. पति का दावा है कि उसकी पत्नी का गांव के ही बबलू नाम के युवक के साथ कथित प्रेम संबंध था और विवाद के दौरान पत्नी ने इसे स्वीकार किया. दूसरी ओर, महिला का आरोप है कि एक दिन शौच के दौरान बबलू ने उसके साथ जबरदस्ती की थी और लोकलाज के डर से उसने यह बात किसी को नहीं बताई.
मामले में पत्नी के बयान से नया मोड़ आ गया है. पत्नी का कहना है कि उसके गर्भवती होने की बात उसके ससुराल पक्ष के लोगों को पहले से मालूम थी. महिला के इस बयान ने पति के उस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें उसने कहा था कि उसे डेढ़ महीने की शादी के बाद अचानक अपनी पत्नी के गर्भवती होने का पता चला.
पति ने आरोप लगाया है कि बबलू 40-50 हजार रुपये देकर मामला शांत करने और सात साल तक बच्चे की परवरिश करने की बात कह रहा था. पति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस थाने में दोनों पक्षों पर समझौता कराने का दबाव बना रही थी. हालांकि, पुलिस की भूमिका और लगाए गए आरोपों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
थाने में डिलीवरी होने की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस जांच के बाद ही साफ होगा कि ससुराल वालों को गर्भावस्था की जानकारी पहले से थी या नहीं, बबलू पर लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है, और पति को इस बात का पता कब चला. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
Tags: