नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारत ने 80 लाख ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण का आंकड़ा पार कर लिया है। यह HPV संक्रमण और HPV से जुड़े कैंसर के खिलाफ एक "महत्वपूर्ण उपलब्धि" है।
'X' पर एक पोस्ट में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा: "भारत ने 80 लाख HPV टीकाकरण का आंकड़ा पार कर लिया है। यह रोकथाम वाली स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने और HPV संक्रमण व HPV से जुड़े कैंसर से सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।"
मंत्रालय ने आगे कहा, "हर टीकाकरण के साथ, भारत अपनी बेटियों के लिए एक स्वस्थ और कैंसर-मुक्त भविष्य की ओर एक और कदम बढ़ा रहा है।"
14 साल और उससे अधिक उम्र की लड़कियों के लिए देशव्यापी HPV टीकाकरण अभियान फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से शुरू किया था।
इस पहल का मकसद भारत में महिलाओं के बीच सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) को खत्म करना है।
HPV वैक्सीन तक पहुंच बढ़ाकर, इस कार्यक्रम से देश भर की लाखों लड़कियों को भविष्य में जानलेवा कैंसर से बचाने की उम्मीद है।
इस साल की शुरुआत में, भारतीय-अमेरिकी रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट दत्तात्रेयुडु नोरी ने कहा था कि HPV टीकाकरण भारत को सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक बढ़त दिला सकता है और आने वाले वर्षों में इस बीमारी को खत्म करने में मदद कर सकता है।
IANS के साथ एक इंटरव्यू में नोरी ने कहा, "अब, HPV टीकाकरण के साथ, हम बेहतर स्थिति में हैं और कुछ ही वर्षों में हम भारत से सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने में सक्षम होंगे।"
2026 में पद्म भूषण पुरस्कार पाने वाले नोरी ने सर्वाइकल कैंसर को ऐसी बीमारी बताया जिसे रोका जा सकता है, जिसका पता लगाया जा सकता है और जिसका इलाज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके कारण लगातार हो रही मौतें ऑन्कोलॉजी (कैंसर विज्ञान) में काम करने वाले डॉक्टरों के लिए बेहद दुखद हैं।
उन्होंने कहा, "सर्वाइकल कैंसर को रोका जा सकता है, इसका पता लगाया जा सकता है और इसका इलाज करके इसे ठीक किया जा सकता है।"
नोरी ने कहा कि भारत में हर दिन सर्वाइकल कैंसर से लगभग 200 महिलाओं की मौत होती है। उन्होंने लड़कियों के लिए मुफ्त HPV टीकाकरण शुरू करने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे रोकथाम के प्रयासों को काफी मजबूती मिल सकती है।
उन्होंने पिछले 12 वर्षों में भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में आए बदलावों, खासकर कैंसर की रोकथाम और इलाज के क्षेत्र में हुई प्रगति की भी तारीफ की।
उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य सेवा में कई महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव हुए हैं।"
नोरी ने इस दौरान उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना और कैंसर के इलाज की सुविधाओं के विस्तार का भी जिक्र किया।
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