Shimla. शिमला। एचपीएमसी से एप्पल कंसंट्रेट लेने के लिए चार कंपनियोंं ने रुझान दिखाया है। अभी उम्मीद है कि और कंपनियां इसकी खरीद के लिए आएंगी, क्योंकि लगातार बिडिंग हो रही है। जिन चार कंपनियों ने रुझान दिखाया है, उनके साथ एचपीएमसी की बातचीत शुरू हो गई है। अहम बात है कि पारले और टाटा कंपनियों के पदाधिकारी भी एचपीएमसी का पराला प्लांट देख चुके हैं और सूत्रों के अनुसार उन्होंने अगले सीजन में कंसंट्रेट लेने की बात कही है। इस बार उनके करार पहले से कहीं हो चुके हैं और उन्होंने पराला में उत्पादित कंसंट्रेट के सैंपल भी देखे हैं। बताया जा रहा है कि एचपीएमसी ने 2000 टन एप्पल कंसंट्रेट तैयार कर लिया है। अभी और कंसंट्रेट तैयार होगा और माना जा रहा है कि यह 500 से 600 टन और बढ़ेगा। वैसे एचपीएमसी खुद भी इसके प्रोडक्ट यहां पर बनाकर बेचने की तैयारी में है, मगर उसे एप्पल कंसंट्रेट भी बेचना है। इसके लिए विशेष रूप से आने वाले दिनों में टेट्रा पैक तैयार किए जाएंगे, जिसमें नए सिरे से एचपीएमसी अपना कारोबार बढ़ाने की
सोच रहा है।


इसके लिए उसने बाकायदा टेंडर किया है और बिड आनी शुरू हो चुकी है। अभी चार कंपनियों की तरफ से रुझान दिखाया गया है, जिसके साथ बल्क सप्लाई लेने वाली और कंपनियों के साथ भी बातचीत चल रही है। बड़ी कंपनियों के रुझान का इंतजार किया जा रहा है। एचपीएमसी को पराला प्रोसेसिंग प्लांट का आने वाले समय में बड़ा फायदा मिलने वाला है। बागबानी विकास परियोजना के तहत उसने यह प्लांट लगाया है, जो भविष्य में कमाऊपूत साबित होगा। पिछले दिनों विख्यात कंपनी पारले और टाटा समूह के पदाधिकारियों ने यहां पर कंसंट्रेट के सैंपल लिए थे। इन कंपनियों की तरफ से कहा गया है कि वे अगले सीजन में यहां से कंसंट्रेट लेंगे, जिससे पहले उनके साथ करार किया जाएगा। हालांकि उनकी ओर से अभी बातचीत चल रही है और जल्द ही कुछ मामला सुलझेगा। पराल प्रोसेसिंग प्लांट में जो कंसंट्रेट तैयार हुआ है, वह आधुनिक मशीनों द्वारा बनाया गया है जिससे उसकी गुणवत्ता भी अच्छी है। एचपीएमसी का जड़ोल प्रोसेसिंग प्लांट भी कंसंट्रेट बना रहा है, वहीं परवाणू में भी यह बन रहा है।
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