BIG BREAKING: हनी सिंह और बादशाह को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, इस गाने को हर जगह से तुरंत हटाने के आदेश

Update: 2026-04-02 12:28 GMT
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को सिंगर-रैपर हनी सिंह और बादशाह को तगड़ा झटका दिया है। अदालत ने साल 2000 के दशक के उनके विवादित गाने 'माफिया मुंडीर' वॉल्यूम 1 को तत्काल हर प्‍लेटफॉर्म से हटाने के आदेश दिए हैं। यही नहीं, उच्‍च न्‍यायालय ने तल्‍ख शब्‍दों में कहा है कि यह गाना 'बेहद अश्‍लील और अभद्र' है। यह महिलाओं के प्रति अपमानजनक है और कोई भी सभ्य समाज इस तरह के कंटेंट को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रहने की अनुमति नहीं दे सकता।
जस्टिस पुरुशेंद्र कौरव की अदालत ने हनी सिंह, बादशाह और गाने, उसके रीमिक्स या दूसरे वर्जन पर अधिकार का दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति को निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया हैंडल, म्यूजिक प्लेटफॉर्म, शेयरिंग प्लेटफॉर्म या ऑनलाइन जगहों से गाने वाले URL को तुरंत हटा दें। गुरुवार को कार्रवाई शुरू होते ही कोर्ट ने कहा कि गाने का टाइटल ऐसा है, जो आधिकारिक आदेश में लिखा भी नहीं जा सकता, यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
बता दें कि हाई कोर्ट में हिंदू शक्ति दल की तरफ से दायर उस याचिका पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें YouTube, Google और Spotify जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से गाने के वीडियो और ऑडियो हटाने की मांग की गई थी। याचिका में दलील दी गई थी कि हाल ही में एक कॉन्सर्ट के दौरान, हनी सिंह ने गाने की कुछ लाइनें गाई थीं, जिससे यह साबित हो गया कि यह गाना उन्हीं ने गाया था।
जस्‍टिस पुरुशेंद्र कौरव ने अपने चैंबर में गाने को सुनने और उसके बोल पढ़ने के बाद, कोर्ट में कहा कि यह उन बहुत ही कम मामलों में से एक है, जिसने कोर्ट की अंतरात्मा को अंदर तक झकझोर दिया है। अदालत ने कहा, 'यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, क्योंकि गाने के बोल महिलाओं के प्रति अपमानजनक हैं और उनमें कोई भी कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है। पहली नजर में ही गाने के बोल महिलाओं का अपमान करने वाले और उन्हें मजाक का पात्र बनाने वाले लगते हैं।'
जज ने बेहद तल्‍ख टिप्‍पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री फैलाना, जो नाबालिगों समेत सभी उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध है, कलात्मक अभिव्यक्ति या बोलने की आजादी की आड़ में बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। साफ है कि समाज में शालीनता के न्यूनतम मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। कानून के राज से चलने वाला कोई भी सभ्य समाज ऐसे कंटेंट को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पैसे कमाने का जरिया बनने की इजाजत नहीं दे सकता।
दिल्‍ली हाई कोर्ट ने दोनों सिंगर्स हनी स‍िंह और बादशाह को नोटिस भी जारी किया है। साथ ही निर्देश दिया कि गाने वाले URL को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाए। इसके अलावा, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह छूट भी दी कि वह विवादित गाने (जिसमें रीमिक्स वगैरह भी शामिल हैं) वाले अन्य लिंक की एक लिस्ट तैयार करके केंद्र सरकार को सौंपे, ताकि सरकार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उन्हें हटाने के निर्देश जारी कर सके। याचिकाकर्ता को यह छूट भी दी गई है कि वह प्रमुख मध्यस्थों द्वारा उपलब्ध कराए गए सार्वजनिक रूप से सुलभ फॉमों का उपयोग करके, बाद में पता चले URL की रिपोर्ट कर सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, मध्यस्थ भारत संघ से स्पष्टीकरण मांग सकते हैं।
न्यायालय ने याचिकाकर्ता को यह भी कहा कि वह Google के सामने अपनी शिकायतें दे सकते हैं। इस पर यूनियन ऑफ इंडिया (भारत संघ) के वकील ने यह वादा दिया कि यदि याचिकाकर्ता से कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो सरकारी प्राधिकरण के संबंधित अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। अब इस मामले की सुनवाई 07 मई को होगी।
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