Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (हिमफेड) ने दूध खरीद को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हिमफेड ने अपनी प्रसंस्करण क्षमता से अधिक मात्रा में दूध की खरीद होने के कारण फिलहाल प्रति दुग्ध उत्पादक प्रतिदिन अधिकतम 20 लीटर दूध खरीदने की सीमा तय करने का फैसला किया है। यह निर्णय हिमफेड के निदेशक मंडल की 16 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में लिया गया था। हिमफेड प्रबंधन के अनुसार वर्तमान में दूध प्रसंस्करण संयंत्र अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक कार्य कर रहे हैं, जिससे कई प्रकार की संचालन संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। इनमें मशीनों की सफाई और सैनिटाइजेशन के लिए पर्याप्त समय न मिलना, दूध भंडारण क्षमता की कमी, उपकरणों पर बढ़ता दबाव, रखरखाव खर्च में वृद्धि तथा नियमित मरम्मत कार्यों के लिए समय की कमी जैसी चुनौतियां शामिल हैं।
हिमफेड ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्षमता की सीमाओं के कारण वह नई पंजीकृत दुग्ध सहकारी समितियों से दूध खरीदने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में दूध खरीद की सीमा तय करने का उद्देश्य अधिक से अधिक छोटे और सीमांत किसानों को इसका लाभ पहुंचाना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। हिमफेड मुख्यालय ने मंडी, कांगड़ा, दत्तनगर, नाहन और नालागढ़ इकाइयों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले दो से तीन दिनों के भीतर सभी दुग्ध सहकारी समितियों, दूध उत्पादकों और अन्य हितधारकों को इस निर्णय की जानकारी दें तथा इसके पीछे के कारणों को स्पष्ट करें। प्रबंधन ने कहा कि यह व्यवस्था अस्थायी है।