Bilaspur. बिलासपुर। गुजरात के राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और उनके प्रति आभार प्रकट किया। आचार्य देवव्रत ने ये शब्द झंडूता के शिवा गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में बुधवार को विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत एक भव्य क्षेत्रीय संगोष्ठी के अवसर पर बतौर मुख्यातिथि कहे। यह संगोष्ठी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई, जिसमें हिमाचल प्रदेश सहित देश भर से 5000 से अधिक किसानों ने भाग लिया। संगोष्ठी का आयोजन झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल, साई इटरनल फाउंडेशन शिमला एवं मानव विकास संस्थान कलोल के संयुक्त प्रयासों से किया गया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किसानों से संवाद करते हुए प्राकृतिक खेती को समय की मांग बताया और कहा कि यह खेती न केवल धरती की उर्वरता को बनाए रखती है, बल्कि किसानों की आत्मनिर्भरता को भी सशक्त बनाती है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं जैसे रासायनिक मुक्त खेती, देशी गाय आधारित जैविक इनपुट (जीवामृत) घनजीवामृत और बीजामृतद्धए फसल विविधताए कम लागत वाली खेती एवं भूमि संरक्षण के महत्त्व की विस्तृत जानकारी दी। प्राकृतिक खेती आज केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि समय की मांग बन चुकी है। यह खेती पद्धति रसायनमुक्त भोजन प्रदान करती है, जिससे मानव स्वास्थ्य बेहतर होता है और गंभीर बीमारियों से बचाव संभव होता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत 2481 करोड़ रुपए का बजट कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को स्वीकृत किया गया है।