Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश में किशोरियों को गंभीर सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाया जा रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान चल तो रहा है, लेकिन तेजी नहीं पकड़ रहा। पढ़े -लिखे हिमाचल प्रदेश में भी इस अभियान को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और अफवाहें बाधा बन रही हैं, जबकि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सेफ और प्रभावी है। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान की शुरुआत 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। हिमाचल प्रदेश में इसका शुभारंभ इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया।
प्रदेश में अब तक 47,912 लक्षित बालिकाओं में से 13,050 का टीकाकरण किया जा चुका है, जो कुल 27 प्रतिशत उपलब्धि है। हिमाचल प्रदेश में 47,912 लक्षित लाभार्थियों में से 13,050 बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है, जो 27 प्रतिशत उपलब्धि है। लाहुल-स्पीति ने 59 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक प्रगति दर्ज की है, इसके बाद किन्नौर 57 प्रतिशत पर है। कुल्लू ने 37 प्रतिशत, हमीरपुर 36 प्रतिशत, सिरमौर 35 प्रतिशत, बिलासपुर 33 प्रतिशत, शिमला 29 प्रतिशत, ऊना 28 प्रतिशत और चंबा 27 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। मंडी ने 23 प्रतिशत, कांगड़ा ने 21 प्रतिशत और सोलन ने 15 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस महत्त्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण करवाएं।